Astrology Articles

  • जीवन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, कहीं आपका चंद्रमा नीच का तो नहीं चल रहा है?
    जन्मकुंडली में चंद्रमा की स्थिति और उस पर दूसरे ग्रहों के प्रभावों के आधार पर इस बात की गणना करना बहुत आसान हो जाता है कि मनुष्य की मानसिक स्थिति कैसी रहेगी। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्र का उच्च या नीच होना व्यक्ति के स्वभाव और स्वरूप में साफ दिखाई देता है। अगर आपके साथ कुछ ऐसा घटित हो रहा है तो समझिए आपका चंद्र नीच का चल रहा है-....

  • इस तीर्थस्थल पर अगर किए श्राद्ध कर्म तो पितरों को मिलेगी शांति, देंगे आशीर्वाद
    कहा जाता है कि गया में यज्ञ, श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान करने से मनुष्य को स्वर्गलोक एवं ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है, गया के धर्म पृष्ठ, ब्रह्म सप्त, गया शीर्ष और अक्षय वट के समीप जो कुछ भी पितरों को अर्पण किया जाता है , वह अक्षय होता है. गया के प्रेत शिला में पिंड दान करने से पितरों का उद्धार होता है। पिंड दान करने के लिए काले तिल, जौ का आटा , खीर, चावल, दूध, सत्तू आदि का प्रयोग किये जाने का विधान है।....

  • धन-धान्य में करनी है तेजी से बढोतरी तो करें इस देव की पूजा
    दरिद्रता को दूर करने के लिए प्रत्येक शुक्रवार को धन की देवी महा लक्ष्मी के साथ गणेश जी का पूजन करना चाहिए। गणेश जी के पूजन से कष्ट, बाधा, रोग और लिए हुए ऋण से शीघ्र मुक्ति मिलती है, धन-धान्य की वृद्धि होती है तथा जीवन में आनंद, विजय आरोग्य और संतान सुख प्राप्त होता है।....

  • आप महादेव के भक्त हैं तो इन बातों को जरूर जान लें
    बाबा भोलेनाथ सब पर कृपा बरसाते हैं। उनके द्वार पर आया कोई भी जातक कभी खाली हाथ नहीं लौटता यही वजह है कि दुनिया में सबसे ज्यारदा भक्तगण महादेव के ही हैं। यदि आप भी हैं शिव के भक्त तो आपको इन खास बातों का ध्यान जरूर होना चाहिए।....

  • पितृ दोष है भी या नहीं, इस तरीके से जानें तुरंत
    हिन्दू धर्म में ज्योतिष को वेदों का छठा अंग माना गया है और किसी व्यक्ति की जन्म-कुण्डली देखकर आसानी से इस बात का पता लगाया जा सकता है कि वह व्याक्ति पितृ दोष से पीडित है या नहीं क्यों कि यदि व्याक्ति के पितर असंतुष्टय होते हैं, तो वे अपने वंशजों की जन्म -कुण्डंली में पितृ दोष से सम्बंधित ग्रह-स्थितियों का सृजन करते हैं।....

  • जब हो कुंडली में पितृदोष, तो श्राद्ध पक्ष में यह काम करें, मिलेगी राहत
    पितृदोष के कारण बार-बार दुर्घटनाएं, मन में हमेशा अनहोनी की आशंका, अपयश, नौकरी की परेशानी, विवाह में रुकावट, मानसिक संताप, संतान कष्ट, धनाभाव, व्यापार में नुकसान, रोजगार की समस्या, भय, शारीरिक व्याधि, दाम्पत्य जीवन में क्लेश इत्यादि कष्ट होते हैं। श्राद्ध पक्ष में पितृ दोष निवारण के लिए किए गए उपायों को करने से पितरों के आशीर्वाद के फलस्वरुप संतान सुख, सम्पत्ति लाभ, राज्य सुख, मान-सम्मान आदि की प्राप्ति होती है। रोग तथा असामायिक दुर्घटनाओं से बचाव होता है।....

  • श्राद्धकाल में भूलकर भी नहीं करें ये 8 काम, इन कामों को करना ना भूलें
    आज से पूरे देश भर में पितृ पक्ष मनाया जाएगा। इस दौरान कुछ कामों को अवश्य करने और कुछ को नहीं करने से ही मनमाफिक लाभ मिलने लगता है। ऐसे में इन खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। ....

  • आज है पहला श्राद्ध, पितरों को इस तरह मनाएंगे तो आएगी सुख-समृद्धि और खुशहाली
    पितृपक्ष या महालय में दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर पितरों के लिए श्राद्ध एवं तर्पण करने से, पितर तृप्त होकर वंश वृद्धि और सुख शांति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। पितृपक्ष में सूर्य कन्या राषि के दसवें अंश पर आता है और वहां से तुला राशि की ओर बढ़ता है। इसे कन्यागत सूर्य कहते हैं। जब सूर्य कन्यागत हो तो उस समय पितरों का श्राद्ध करना अति महत्वपूर्ण कहा गया है। प्रतिवर्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से आष्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या तक श्राद्ध पक्ष मान्य रहता है। शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध पक्ष में दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, पिंड़दान यज्ञ तथा भोजन का बिशेष प्रावधान किया गया है। वर्ष में जिस भी तिथि को वे दिवंगत होते हैं, पितृपक्ष की उसी तिथि को उनके निमित्त विधि-विधान पूर्वक श्राद्ध कार्य सम्पन्न किया जाता है। दिवंगत पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा पूर्वक किए दान को ही श्राद्ध कहा जाता है। ....

  • सब तालों की चाबी है जन्मपत्रिका, जानिए कैसे?
    ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्र बदलते रहते हैं और परिस्थितियां भी, तभी तो कहते हैं कि समय सभी का समान नहीं रहता, बदलते वक्त के साथ दशाएं अपना प्रभाव दर्शाती हैं तो आकाश में भ्रमण करने वाले ग्रह भी। जन्म कुण्डली एक स्थूल रूप हैं आपके जीवन का। समय-समय पर कालनेमी (ज्योतिषी) की सलाह लेकर आप आने वाली कठिनाइयों, परेशानियों को जानकर सावधानी रखी जा सकती है-....

  • इन अमूल्य टोटकों से पर्स में रूकने लगेगा पैसा, नहीं रहेगी नोटों की कमी
    हर कोई पैसे को रोकना और उसमें बढेातरी चाहता है, ऐसे में पर्स पर ऐसे प्रयोग किए जा सकते हैं जिनसे पैसों में बरकत होने लगती है। इस संबंध में वास्तु द्वारा कई महत्वपूर्ण टिप्स दी गई हैं। जिन्हें अपनाने पर व्यक्ति को भी धन की कमी का एहसास ही नहीं होता है।....

  • 11 लघु नारियल के इन उपायों से लक्ष्मी चिरकाल तक रहेगी
    ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में लघु नारियल का खासा महत्व बताया गया है। कहते हैं कि इनके कुछ खास उपाय कर लिए जाएं तो ना कभी पैसों की कमी रही और ना ही किसी तरह का कोई संकट जीवन भर आता। इसके कुछ खास उपायों को करने से लक्ष्मी चिरकाल तक घर में निवास करती है।....

  • सात चक्रों की माला करें इस दिन करें धारण, हो जाएगी बल्लेे-बल्ले
    सात रत्न अलग-अलग पहनना तो संभव नहीं है लेकिन यदि सात चक्रों की माला को धारण किया जाए तो कुछ ही दिनों में किस्मत बदल सकती है। यह माला बनाकर एक साथ पिरोकर बनाई जाए तो बुरे दिन भी अच्छों में बदल जाती है। कहते हैं बुधवार को दोपहर 11 बजकर 11 मिनट पर माला को धारण किया जाए तो बल्लें-बल्ले होने लगते हैं। ....

  • हींग के एक टोटके से होने लगेंगे चमत्कार, बदल जाएगी किस्मत
    आपने ज्योहतिष और वैदिक शास्त्रों के अनुसार ग्रहों में प्रतिकूलता के लिए कई प्रयोग देखे होंगे लेकिन हम आपको बता रहे हैं आपकी रसोई में हर वक्तं उपस्थित हींग के ऐसे टोटके जो आपकी किस्म त को भी बदल सकते हैं। इन्हें विश्वास के साथ आजमाए जाएं तो ये किसी भी जातक की तकदीर और तस्वीर बदल सकते हैं-....

  • झलझूलनी एकादशी के दिन करें ये टोटके, प्रेम बढता चला जाएगा
    प्रेमी-प्रेमिका हो या पति-पत्नी यदि दोनों में प्रेम भरपूर रहता है तो रिश्ते प्रगाढ होते चले जाते हैं। लेकिन कई बार ऐसे दुर्योग बनते हैं कि चाहकर भी क्लेश परिवार को घेरे रहते हैं। आज झलझूलनी एकादशी है। यदि आज के दिन प्रेमी-प्रेमिका हो या पति-पत्नी कुछ खास उपाय करे तो प्रेम चिरकाल तक चलता है और संबंध मजबूत बने रहते हैं। ....

  • मन की सभी इच्छाएं होंगी पूरी, इस देव को ध्याने भर से
    धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार सृष्टि में एक देवता ऐसे भी हैं, जिन्हेंे केवल कुछ दिनों तक ध्यामने से सभी तरह के मनोरथ पूरे होते हैं और जातक अपना जीवन सुख से व्येतीत कर सकता है। प्रत्ये क जातक को श्रीकृष्ण की नियमित पूजा-अर्चना करनी चाहिए। जिन लोगों का जन्म अमावस्या के आसपास हुआ हो या जिनकी जन्मपत्री में चंद्रमा क्षीण हो या अन्य किसी ग्रह से पीडि़त हो, उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करनी चाहिए क्योंकि पाराशर मुनि ने श्रीकृष्ण को चंद्र का अवतार ही माना है-चंद्रस्य यदुनायक:। चंद्रमा के कमजोर होने से होने वाले सारे अरिष्ट श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन से खुद ब खुद ही दूर हो जाते हैं। श्रीकृष्ण की नियमानुसार और नियमित स्तुति की जाए तो कैसा भी संकट पास भी नहीं आता और जातक सभी सुखों से युक्त जीवन का आनंद लेता है। कैसा भी कष्ट हो परेशानी हो श्रीकृष्ण को जपने से सभी में राहत मिलती है। ....

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