नवरात्र के तीसरे दिन मानसिक शांति के लिए करें इस देवी की पूजा
नौ शक्तियों की तीसरी स्वरूपा भगवती चंद्रघंटा की पूजा नवरात्र के तीसरे दिन की जाती है। माता के माथे पर घंटे आकार का अर्धचन्द्र है, जिस कारण इन्हें चन्द्रघंटा कहा जाता है। इनका रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। माता का शरीर स्वर्ण के समान उज्जवल है। इनका वाहन सिंह है और इनके दस हाथ हैं जो की विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र से सुशोभित रहते हैं। सिंह पर सवार मां चंद्रघंटा का रूप युद्ध के लिए उद्धत दिखता है और उनके घंटे की प्रचंड ध्वनि से असुर और राक्षस भयभीत करते हैं।

शिवपुराण में बताया है आमदनी बढ़ाने का गुप्त उपाय
शिवपुराण के अनुसार यदि आपको आमदनी बढानी है या फिर रोजगार या व्‍यवसाय में बढोतरी करनी है तो घर में....

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2017 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team