Astrology Articles

  • जब कुंडली से गुण मिलान नहीं हो तो अपनाएं यह तरीका
    क्या बिना कुंडली मिलान के भी विवाह संभव है? अधिकांश मामलों कुंडली मिलान नहीं हो पाता ऐसे में गुण मिलान अंक शास्त्र के .......

  • केवल 9 मंत्र करेंगे मनचाही नौकरी और कॅरिअर की बाधा दूर
    जन्मपत्रिका में दशम भाव से कर्मक्षेत्र का विचार किया जाता है, तो शिक्षा के पंचम भाव से द्वितीय अर्थात् छठे भाव को प्रतियोगिता........

  • सुखी जीवन के लिए नवग्रहों को ऐसे मनाएं
    जीवन को सुखी बनाने में सभी नव ग्रहों को साधना जरूरी है। उनकी पूजा करना जरूरी है। अगर सभी ग्रहों को प्रसन्नं रखा .......

  • जब लगे शनि की साढे साती, अपनाएं ये उपाय
    शनि साढेसाती की अवधि में परिवारिक और दांम्पत्य जीवन दोनों में परेशानियां भी दे सकती है। इस अवधि की बाधाओं.......

  • इस दिन प्रेमी से मिलने भर से बनने लगते हैं प्रेम विवाह के योग
    सबसे पहला और प्रभावी उपाय यही है कि प्रेमी और प्रेमिका यथासंभव कोशिश करें कि कि वह आपस में शुक्रवार और पूर्णिमा ........

  • केवल 3 सिक्के चमका सकते हैं किस्मत
    किसकी किस्मत कब चमक जाए कोई नहीं कह सकता। ईश्‍वर सबको मौका एक बार ही देता है, जिसने कैश करवा लिया .......

  • घर में सुख-शांति और धन-धान्य पाने के लिए करें ये उपाय
    अगर घर में सुख शांति और धन का आगम चाहते हैं तो ज्योतिष द्वारा प्रदत्त 7 प्रभावी उपाय करने चाहिए ....

  • मोरपंख के इन टोटकों से लक्ष्मी रहेगी सदा प्रसन्न
    हिंदू धर्म में मोर को धन की देवी लक्ष्मी के साथ जोडक़र देखा जाता है। लक्ष्मी सौभाग्य, खुशहाली, विनम्रता और ........

  • सब तालों की चाबी है जन्मपत्रिका, जानिए कैसे?
    ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्र बदलते रहते हैं और परिस्थितियां भी, तभी तो कहते हैं कि समय सभी का समान नहीं रहता .... ....

  • वास्तु के इन 31 नियमों का पालन किया तो नहीं रहेगी घर में कभी पैसों की कमी
    धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में वास्तु का खासा महत्व दिखाया गया है। वास्तु पुराण के अनुसार यदि इन 31 बातों का ध्यान भवन निर्माण के समय रखा जाए तो जीवन भर कभी भी धन-दौलत और शोहरत की कमी नहीं रहती। आप भी जाने इन चीजों के बारे में- ....

  • रोजगार और धन प्राप्ति के ये उपाय हैं अचूक, चंद दिनों में ही होता है असर
    रोजगार के प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में सफलता पाना उत्तरोत्तर कठिन होता जा रहा है। विद्या और पुरूषार्थ के होते हुए भी सफलता नहीं मिलती। ऐसे में यहां दिए गये कुछ सरल उपायों, टोटकों और मंत्रों से सफलता मिलने की संभावना बन सकती है। यदि बेरोजगारी का घटाटोप हो रहा हो तो रोजगार का प्रकाश पाने के लिए इन टोटकों को कर के देखें। ....

  • बुरे दिनों को भी अच्छेे दिनों में बदल देते हैं हनुमानजी के ये टोटके, यकीन ना हो तो एकबार आजमाकर देख लें
    हनुमान जी का नाम लेने मात्र से ही भक्तों की हर समस्या का निवारण हो जाता है। भगवान राम ने भक्तों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए हनुमान जी को इस पृथ्वी लोक में वास करने को कहा था और तभी से हनुमान जी इस कलियुग में सदा सहाय हुए हैं। हनुमान जी की उपासना से निरोगी काया का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही हनुमान शक्ति, शांति, बुद्धि और भक्ति के देवता हैं तथा शनि परिश्रम के कारक ग्रह हैं और हनुमान श्रम करने के लिए पर्याप्त शक्ति प्रदान करते हैं। हनुमान जी प्रसन्न हों तो शनि देव भी स्वतः प्रसन्न होते हैं। इसलिए शनि को मनाने के लिए हनुमान को भी पूजा जाता है। हनुमान जी का पूजन बड़ी ही पवित्रता के साथ करना आवश्यक है। राम भक्त हनुमान जी की कृपा से आराधक के जीवन में आने वाले मृत्यु तुल्य कष्टों का भी सरलता से निवारण हो जाता है। हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर आप धन, विजय और आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं। इसी ध्येय हेतु हनुमान जी के पूजन के अचूक उपाय यहां बता रहे हैं। इन उपायों से जीवन के दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदला जा सकता है। ....

  • इसे कहते हैं रत्नों का रत्न, पहनने से होती हैं सारी समस्याएं दूर
    धार्मिक कथाओं और ग्रंथों के अनुसार स्टोून, रत्न‍ या नग पहनने से जातक के ग्रह अनुकूल होने लगते हैं। रत्नों में भी मूंगा को रत्नों में सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। कहते हैं इसे राशिवार धारण करने से जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं। ....

  • जीवन में खुशियां भरते ये 7 रंग, मंगल और गुरूवार को लाल और पीला रंग लाता सौभाग्य
    रंग मन की भावनाएं भी दर्शाते हैं तो क्या रंग हमारे भाग्य को तय करने में भी कोई भूमिका निभाते हैं? कुछ रंगों से हमारा अच्छा तालमेल होता है, जो हमें पॉजीटिव एनर्जी देते हैं। इसलिए कुछ खास रंग हमें ज्यादा आकर्षित करते हैं। लेकिन ज्योतिष पर यकीन करने वाले भी दिन के लिहाज से रंगों का चयन करने लगे हैं। दिनों के अनुसार रंगों का चयन कर पहना जाए तो किस्मत भी साथ देने लगती है। आइए जानें जरा कैसे?....

  • पंचक में शुभ काम नहीं करने के पीछे का यह है रहस्य
    धनिष्ठा का उतरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उतरा भाद्रपद व रेवती इन पांच नक्षत्रों को पंचक कहते है। पंचक का अर्थ ही पांच का समूह है। सरल शब्दों में कहें तो कुम्भ व मीन में जब चन्द्रमा रहते है. तब तक की अवधि को पंचक कहते है। इन्ही को कहीं-कहीं पर धनिष्ठा पंचक भी कहा जाता है। एक अन्य मत से पंचकों में धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति को अंग दोष होने का विचार किया जाता है। धनिष्ठा नक्षत्र के प्रथम आधे भाग को भी कुछ स्थानों पर शुभ नहीं समझा जाता है।....

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