ग्रहों के प्रभाव को जानने के लिए कुंडली का यह भाव देखें...

कुंडली में ग्रहों के प्रभाव और सेहत को देखने के लिए षठे भाव का अध्ययन किया जाता है। इस भाव को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आप कितने स्वस्थ और सेहतमंद रहेंगे।


फलित ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रह के कुपित होने से जातक को सिर व मष्तिष्क, ह्रदय, नेत्र और कान रोग, अस्थि भंग जैसी समस्याएं होने का अंदेशा रहता है। चंद्र ग्रह के प्रभाव से मानसिक रोग, नींद न आना, नींद का बार-बार टूटना, जल से भय और उन्माद होने का अंदेशा रहता है।

मंगल ग्रह के कुपित होने से पित्त विकार, त्वचा रोग, टायफाइड और अपेंडिक्स हो सकते हैं। वहीं बुध ग्रह के कारण वात, पित्त और कफ से सम्बंधित रोग, नाक और गले के रोग तथा बुद्धि की कमी की संभावनाएं रहती हैं। गुरु ग्रह के कुपित होने से गठिया, कमर व जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन, कब्ज आदि समस्याएं होने लगती हैं।
यदि शुक्र ग्रह कुपित हो तो जातक को वात और कफ रोग होने के साथ-साथ शरीर के अंदरूनी हिस्सों में रोग होने की आशंका रहती हैं। शनि ग्रह के कुपित होने से वात एवं कफ रोग, कैंसर, सांस के रोग जैसे रोग होने लगते हैं। यदि जातक राहु ग्रह से प्रकोपित हो तो उसे संक्रामक रोग, ह्रदय रोग, विष जनित रोग और हाथ और पैरों में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यदि केतु ग्रह कुपित हो तो जातक त्वचा रोग, पाचन संबंधी रोग का शिकार हो सकता है।

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