छिपे धन को पाने के संकेत देते हैं कुंडली के ये 7 योग

हर व्यक्ति की कुंडली में कुछ खास योग होते हैं जो उन्हें धनवान या गरीब बनाते हैं। कुंडली के ऐसे ही 7 योगों के बारे में बता रहे हैं पंडित हरिओम शास्त्री बता रहे हैं धन संबंधी ऐसे ही योगों के बारे में-


किसी भी जातक की कुंडली के द्वितीय भाव में किसी पाप ग्रह की दृष्टि होए तो वह व्यक्ति धनहीन हो सकता है। ये लोग कड़ी मेहनत के बाद भी पैसों की तंगी का सामना करते हैं। ऐसा शास्त्रों में बताया गया है।
किसी भी जातक की जन्म कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा स्थित हो और उस पर नीच के बुध की दृष्टि पड़ जाए तो उस व्यक्ति के परिवार का धन भी समाप्त हो जाता है।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के द्वितीय भाव में बुध हो तथा उस पर चंद्रमा की दृष्टि हो, तो वह व्यक्ति हमेशा गरीब होता है। ऐसे लोग कठिन प्रयास करते हैं लेकिन धन एकत्र नहीं कर पाते हैं।
जिस व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय भाव पर शुभ ग्रह स्थित हो या शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो ऐसे व्यक्ति को बहुत धन प्राप्त हो सकता है।
यदि जन्म पत्रिका में सूर्य और बुध द्वितीय भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति के पास पैसा नहीं टिकता।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में द्वितीय भाव में चंद्रमा स्थित हो तो वह बहुत धनवान होता है। उसके जीवन में इतना धन होता है कि उसे किसी भी सुख-सुविधा को प्राप्त करने में अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ता है।
यदि कुंडली में चंद्रमा अकेला हो तथा कोई भी ग्रह उससे द्वितीय या द्वादश न हो तो व्यक्ति आजीवन गरीब ही रहता है। ऐसे व्यक्ति को आजीवन अत्यधिक परिश्रम करना होता है, परंतु वह अधिक पैसा नहीं प्राप्त कर पाता।
इन तमाम योगों के निर्माण पर जातक समृद्ध और द्ररिद्रता का वरण कर जीवन-यापन करता है।
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