घर को धन-संपदा से भर देते हैं श्रीकृष्ण के ये पांच मंत्र

श्रीकृष्ण को सबसे बडा दाता कहा जाता है। श्रीकृष्ण द्वारा कुछ मंत्र बताए हैं, जिनका जाप करने से धन-संपदा-सुख-सौभाग्य-सौन्दर्य की प्राप्ति होती है।


अगर पुराना धन अटक गया हो.....
‘कृं कृष्णाय नमः’ यह श्रीकृष्ण का मूलमंत्र है। इस मूलमंत्र का जाप अपना सुख चाहने वाले प्रत्येक मनुष्य को प्रातःकाल नित्यक्रिया व स्नानादि के पश्चात एक सौ आठ बार करना चाहिए। ऐसा करने वाले मनुष्य सभी बाधाओं एवं कष्टों से सदैव मुक्त रहते हैं। इस मंत्र से कहीं भी अटका धन तुरंत प्राप्त होता है।

करोड़पति बनाता है यह मंत्र
‘ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा’ यह श्रीकृष्ण का सप्तदशाक्षर महामंत्र है। इस मंत्र का पांच लाख जाप करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है। जप के समय हवन का दशांश अभिषेक का दशांश तर्पण तथा तर्पण का दशांश मार्जन करने का विधान शास्त्रों में वर्णित है। जिस व्यक्ति को यह मंत्र सिद्ध हो जाता है उसे करोड़पति होने से कोई नहीं रोक सकता।

धन के ‍लिए इसे दिन भर जपें
‘गोवल्लभाय स्वाहा’ इस सात अक्षरों वाले श्रीकृष्ण मंत्र का जाप जो भी साधक करता है उसे संपूर्ण सिद्धियों की प्राप्ति होती है। साथ ही धन की कामना करने वाले व्यक्ति को इस मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए। मंत्र के सवा लाख होते ही आर्थिक स्थिति में आश्चर्यजनक रूप से सुधार होने लगेगा।

हर इच्छा पूरी करता है यह मंत्र
‘गोकुल नाथाय नमः’ इस आठ अक्षरों वाले श्रीकृष्णमंत्र का जो भी साधक जाप करता है उसकी सभी इच्छाएं व अभिलाषाएं पूर्ण होती हैं।

धन-धान्य देने वाला मंत्र
‘क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः’ यह दशाक्षर मंत्र श्रीकृष्ण का है। इसका जो भी साधक जाप करता है उसे संपूर्ण सिद्धियों की प्राप्ति होती है। तथा यह मंत्र तेजी से आर्थिक सफलता के द्वार खोलता है। इस मंत्र के प्रभाव से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
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