Astrology Articles

  • बुरे दिनों को भी अच्छेे दिनों में बदल देते हैं हनुमानजी के ये टोटके, यकीन ना हो तो एकबार आजमाकर देख लें
    हनुमान जी का नाम लेने मात्र से ही भक्तों की हर समस्या का निवारण हो जाता है। भगवान राम ने भक्तों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए हनुमान जी को इस पृथ्वी लोक में वास करने को कहा था और तभी से हनुमान जी इस कलियुग में सदा सहाय हुए हैं। हनुमान जी की उपासना से निरोगी काया का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही हनुमान शक्ति, शांति, बुद्धि और भक्ति के देवता हैं तथा शनि परिश्रम के कारक ग्रह हैं और हनुमान श्रम करने के लिए पर्याप्त शक्ति प्रदान करते हैं। हनुमान जी प्रसन्न हों तो शनि देव भी स्वतः प्रसन्न होते हैं। इसलिए शनि को मनाने के लिए हनुमान को भी पूजा जाता है। हनुमान जी का पूजन बड़ी ही पवित्रता के साथ करना आवश्यक है। राम भक्त हनुमान जी की कृपा से आराधक के जीवन में आने वाले मृत्यु तुल्य कष्टों का भी सरलता से निवारण हो जाता है। हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर आप धन, विजय और आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं। इसी ध्येय हेतु हनुमान जी के पूजन के अचूक उपाय यहां बता रहे हैं। इन उपायों से जीवन के दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदला जा सकता है। ....

  • इसे कहते हैं रत्नों का रत्न, पहनने से होती हैं सारी समस्याएं दूर
    धार्मिक कथाओं और ग्रंथों के अनुसार स्टोून, रत्न‍ या नग पहनने से जातक के ग्रह अनुकूल होने लगते हैं। रत्नों में भी मूंगा को रत्नों में सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। कहते हैं इसे राशिवार धारण करने से जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं। ....

  • जीवन में खुशियां भरते ये 7 रंग, मंगल और गुरूवार को लाल और पीला रंग लाता सौभाग्य
    रंग मन की भावनाएं भी दर्शाते हैं तो क्या रंग हमारे भाग्य को तय करने में भी कोई भूमिका निभाते हैं? कुछ रंगों से हमारा अच्छा तालमेल होता है, जो हमें पॉजीटिव एनर्जी देते हैं। इसलिए कुछ खास रंग हमें ज्यादा आकर्षित करते हैं। लेकिन ज्योतिष पर यकीन करने वाले भी दिन के लिहाज से रंगों का चयन करने लगे हैं। दिनों के अनुसार रंगों का चयन कर पहना जाए तो किस्मत भी साथ देने लगती है। आइए जानें जरा कैसे?....

  • पंचक में शुभ काम नहीं करने के पीछे का यह है रहस्य
    धनिष्ठा का उतरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उतरा भाद्रपद व रेवती इन पांच नक्षत्रों को पंचक कहते है। पंचक का अर्थ ही पांच का समूह है। सरल शब्दों में कहें तो कुम्भ व मीन में जब चन्द्रमा रहते है. तब तक की अवधि को पंचक कहते है। इन्ही को कहीं-कहीं पर धनिष्ठा पंचक भी कहा जाता है। एक अन्य मत से पंचकों में धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति को अंग दोष होने का विचार किया जाता है। धनिष्ठा नक्षत्र के प्रथम आधे भाग को भी कुछ स्थानों पर शुभ नहीं समझा जाता है।....

  • फेंगशुई के अनुसार ऐसा होगा बच्चों का कमरा तो करेंगे हर परीक्षा में टॉप
    बच्चों का कमरा उनके लिए मनोरंजन, मस्ती और उल्लास का केंद्र होता है। उनका रूम जितना अधिक वास्तु सम्मत होगा उतना ही अधिक वे ऊर्जावान होंगे तथा अपनी क्रिएटिविटी का सकारात्मक उपयोग अपनी पढ़ाई-लिखाई, खेलकूद, अनुशासन आदि जीवन के हर क्षेत्र में बखूबी कर पाएंगे। जीवन में सफलता के चरमोत्कर्ष पर पहुंचने के लिए आलराउंडर बनना जरूरी है और यह तभी संभव है जब उनका रूम पूर्णरूपेण वास्तु सम्मत हो जिससे कि अपने रूम में मनोरंजन, मस्ती एवं उल्लास के साथ-साथ आराम एवं सुखद नींद की भी अनुभूति कर सकें। ....

  • अंकशास्त्र, रंग शास्त्र और ज्योतिष का कॉम्बिनेशन है यह विधि, देती है सटीक भविष्यवाणी
    क्या है टैरो कार्ड टैरो वास्तव में चित्रों के माध्यम से भविष्य जानने की कला है। जिस तरह से हाथों की रेखाओं या कुंडली के द्वारा ज्योतिष शास्त्र में भविष्य जाना जाता है उसी तरह यह विधा संकेत, चित्र, अंक, रंग ज्योतिष तथा पाँच तत्व जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी और आकाश आदि के द्वारा मानव जीवन की उलझनों को सुलझाने में सहायक है। यह विधा एक साथ अंकशास्त्र, रंग चिकित्सा तथा ज्योतिष का कॉम्बिनेशन है, जोकि सटीक भविष्‍यवाणी देती है।....

  • ज्योतिष के इन उपचारों से शादी होगी झटपट, नहीं आएगी कोई परेशानी
    आजकल प्रायः कई युवक उपतियों के विवाह में विलम्ब के कारण उनके माता-पिता परेशान होते हैं जिसके हम ज्योतिषिय कारण और उपाय ढूंढने का प्रयास करेंगे ताकि उन्हें कुछ सहायता मिल सके। ज्योतिष में जन्मकुण्डली से सप्तम भाव, सप्तमेष, सप्तम से सप्तम अर्थात् लग्न सप्तमेष से सप्तम, नंवाश कुण्डली एवं लडके की कुण्डली में शुक्र एवं लडकी के गुरू कारण माने गए हैं अर्थात् उपरोक्त भाव, भावेश शुभ ग्रह युत, द्रष्ट, शुभवर्ग में होने पर विवाह सही समय तक होता है एवं सुखी वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है। तथा उपरोक्त भाव भावेश पाप ग्रह युत द्रष्ट, पाप वर्ग में होने पर विवाह में बाधा एवं विलम्ब होता है। कुछ खास उपचार करने से चट मंगनी पट ब्‍याह की संभावनाएं बनने लग जाती हैं।....

  • राशि और लग्नि के अनुसार तय करें करियर, संवर जाएगा जीवन
    आजकल कई युवा बेरोजगार हो रहे है एवं प्रायः देखने में आता है। कि उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाने से ऐसे व्यवसाय व्यक्ति अपना लेते हैं जिसमें नहीं तो उनकी रूचि होती है नहीं उनको सफलता मिल पाती है। कई लोग अपनी जन्म कुण्डली दिखाते है वो बताते है कि हमनें कई व्यवसाय परिवर्तन कर लिये परन्तु लाभ नहीं मिला देखने से पता चलता है कि जो व्यवसाय ग्रहों के अनुसार दिखा वो उन्होंने मार्गदर्शन नहीं मिल पाने पर किया अतएव ज्योतिष के द्वारा आपके ग्रहों के अनुसार किया गया व्यवसाय आपको लाभ दे सकता है। कई बार देखने में आता है कि बचपन से ही बालकों का रूज्ञान अपने व्यवसाय की ओर दिख जाता है परन्तु उचित मार्गदर्शन के अभाव में मार्ग नहीं मिलता और युवाओं में निराशा की भावना आ जाती है। ऐसे में राशि और लग्न के अनुसार करियर तय किया जाए तो जीवन संवर सकता है। ....

  • शिव-पार्वती की बेटी है "अशोक सुंदरी देवकन्या"
    बहुत ही कम लोगों को पता है कि भगवान शिव शंक्कर और माता पार्वती की एक पुत्री भी थी। जिनका नाम "अशोक सुंदरी" था, इनका ........

  • विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का बडा महत्व
    विवाह मंडप में शादी के बंधन में बंध रहे जोडे के लिए सात फेरों के लिए शुभ मुहुर्त का बडा महत्व है। शादी की तैयारियों, मेहमानों के .......

  • ऐसी पादुका की स्थापना से घर में आती है बरकत
    मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लोग यज्ञ करते हैं, अनुष्ठान करते हैं लेकिन केवल एक उपाय से न केवल मां लक्ष्मी का घर में वास.......

  • इस पेड की जड की पूजा लाती है सौभाग्‍य, बरसाती है दौलत
    जैसा नाम में ही छिपा हुआ है अशोक। यानी जिसकी उपस्थिति होने से ही किसी भी प्रकार को शोक नहीं रहेगा और.......

  • भूलकर भी ना करें विवाह जब बन रहे हों ऐसे योग
    कहते हैं जोडिय़ां स्वर्ग में बनती और उनकी परिणति धरती पर होती है। लेकिन कुछ बातें ऐसी भी होती हैं, जिनके होने पर........

  • घर में वास्तु सम्‍मत वृक्षबेल हो सकती हैं भाग्यवर्धक
    अक्सर वास्तु में पेड-पौधे लगाने के नियम बताए जाते हैं लेकिन कुछ वृक्षबेल भी ऐसी होती हैं, जिनका वास्तु‍ सम्म्त स्थान न ........

  • पेट के रोगों से हैं परेशान तो शनिदोषों को करें ऐसे दूर, होगा पक्का फायदा
    ज्योतिष के अनुसार रोग विशेष की उत्पत्ति जातक के जन्म समय में किसी राशि एवं नक्षत्र विशेष पर पापग्रहों की उपस्थिति .......

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2024 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team