बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के पोस्टर में आसिया अंद्राबी, जांच के आदेश

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के पोस्टर में अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की तस्वीर छपने के मामले की जांच के आदेश दिए। अनंतनाग जिले के ब्रांग ब्लॉक में सामाजिक कल्याण विभाग की बच्चों की देखभाल से संबंधित शाखा द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढाओ के पोस्टर में दुख्तारन-ए-मिल्लत की नेता आसिया की तस्वीर छापी गई थी। इस पोस्टर में आसिया के अलावा इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा, महबूबा मुफ्ती और किरण बेदी की तस्वीर भी लगी है। इस अभियान की शुरुआत के दौरान बुधवार को कई पुलिस अधिकारी और अन्य स्थानीय अधिकारी मौजूद थे। ज्ञातव्य है कि मामला सामने आने के बाद नौशेरा से बीजेपी विधायक रविंदर रैना ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। रविंदर रैना ने आरोप लगाते हुए कहा कि आसिया अंद्राबी कश्मीरी महिलाओं के लिए रोल मॉडल कैसे हो सकती है जो घाटी में पिछले दो दशकों में हुई महिलाओं और बच्चों की हत्याओं के लिए जिम्मेदार है। बीजेपी विधायक ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कौन है आसिया अंद्राबी:

आसिया अंद्राबी अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की चीफ है। इस ग्रुप का मकसद कश्मीर को भारत से अलग करना है और आसिया के समर्थक उसे आयरन लेडी के नाम से भी जानते है। आसिया ने 25 मार्च 2015 को कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा फहराया और पाकिस्तान का राष्ट्रगान भी गाया था। 54 वर्षीय आसिया पाकिस्तान का समर्थन करने वाली अलगाववादी नेता है।
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भी एक रैली में फोन पर आसिया से संपर्क करने की बात मान चुका है। आसिया को इस साल दो बार गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, आसिया जेल में हैं। आसिया पर कश्मीर को महिलाओं को सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी के लिए भडक़ाने के आरोप लगते रहे हैं। 9 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में मारे जाने के बाद से ही अलगाववादी नेता उकसाऊ बयान देने वालों में आसिया अंद्राबी भी शामिल थीं। आसिया ने आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के फाउंडिंग मेंबर आशिक हुसैन फख्तू से शादी की थी। 1992 से उनका पति जेल में है।

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