सास-बहू की टेंशन का कम करने के वास्तु टिप्स

दांपत्य जीवन के साथ-साथ सास-बहू के बीच क्लेश भी बढाता है। अगर आपके घर में भी यह परेशानी है, तो एक नजर अपने घर के वास्तु पर डालें। वास्तु दोष- सास-ससुर का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए और बेटे-बहू का कमरा पश्चिमी या दक्षिण दिशा में। अगर बेटे-बहू का रूम साउथ-वेस्ट में है, तो उनका सास-ससुर से झगडा रहेगा, डॉमिनेटिंग दिशा होने के कारण यहां घर के बडों को ही रहना चाहिए। किचन कभी भी घर के सेंटर में ना हो, यह आपसी संबंधों के लिए बेहद घातक है। घर की रसोई नॉर्थ-ईस्ट यानी उत्तर-पूर्व में होगी, तो वहां भी सास-बहू के आपसी क्लेश, मनमुटाव और हमेशा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रहेंगी। गैस के ऊपर बने कैबिनेट काले ना हों। काले रंग से निकनेवाली अलफा रेडिएशन सेहत के लिए ठीक नहीं होतीं और चूंकि महिलाओं का ही अधिकतम टाइम में बीतता है, इसलिए सबसे ज्यादा असर इन्हीं की हेल्थ पर पडता है।
वास्तु समाधान - इस आधुनिक समय में ज्यादातर लोगों के घर छोटे-छोटे होते हैं, टाइम और पैसे की कमी होती है, इसलिए लोगों के लिए अपने घर को वास्तु के हिसाब से बनवाना सम्भव नहीं होता। जैसा घर मिला, उसी में काम चला लिया। अपने घर के वास्तु दोष आप इस प्रकार से ठीक कर सकती हैं। किचन में नीला कलर ना करावएं। यह हेल्थ की नजर से सही नहीं है, क्योंकि ब्लू कलर जहर का चिह्व है। घर की दीवारों पर मल्टीकलर ना कराएं। खासकर रेड कलर को कम से कम यूज में लाएं। घर के बडों का कमरा अगर साउथ-वेस्ट में ना हो, तो अपना कमरा बदल लें। अगर ऎसा करना संभव नाहो, तो उन्हें बेड इस दिशा में खिसका लेना चाहिए। पूरी फैमिली के आपसी रिश्ता को अच्छा बनाने के लिए पूरे परिवार की फोटो लाल रंग के फ्रेम में अपने-अपने बेडरूम में लगाएं।

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