इस तरह रखें ग्रहों को खुश, बरसेगी खुशहाली

ग्रहों को मनाकर रखा जाए तो कभी भ्‍ाी परेशानी नहीं आती, ये उपाय करेंगे तो आएगी खुशहाली और रहेंगे सम्‍पन्‍न।

सूर्य-
भूल कर भी झूठ न बोलें,सूर्य का गुस्सा कम हो जाएगा। झूठ क्या है झूठ वो है जो अस्तित्व में नहीं है और यदि हम झूठ बोलेंगे तो सूर्य को उसका अस्तित्व पैदा करना पडेगा आश्चर्य की कोई बात नहीं है । ये नौ ग्रह हमारे जीवन के लिए ही अस्तित्व में आये हैं सूर्य का काम बढ़ जाएगा और मुश्किल भी हो जाएगा ।
चंद्रमा - जितना ज्यादा हो सके सफाई पसंद हो जाइए और साफ़ रहिये भी चंद्रमा का गुस्सा कम हो जाएगा। चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहू से लगता है। राहू अदृश्य ग्रह है ,राहू क्रूर है, हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में राहू गंदगी है। हम हमारे घर को, आसपास के वातावरण को कितना भी साफ़ करें, उसमें ढूँढने जायेंगे तो गंदगी मिल ही जायेगी। अतः यदि आप साफ़ रहेंगे तो चंद्रमा को अच्छा लगेगा और उसका क्रोध शांत रहेगा, चंद्रमा का गुस्सा उतना ही कम हो जाएगा।
साेम- मन को शांत रखने की कोशिश करेंगे तो यह ग्रह हमेशा प्रसन्‍न्‍ा रहेगा।
मंगल-
यह ग्रह सूर्य का सेनापती ग्रह है भोजन में गुड है। सूर्य गेंहू है रविवार को गेहूं के आटे का चूरमा गुड डालकर बनाकर खाएं खिलाये ,मंगल को बहुत अच्छा लगेगा। सूर्य गेहूं है -मंगल गुड है और घी चंद्रमा है ,अब तीनो प्रिय मित्र हैं तो तीन मित्र मिलकर जब खुश होंगे तो गुस्सा किसे याद रहेगा।
बुध - बुध ग्रह यदि आपकी जन्म पत्रिका में क्रोधित है तो बस तुरंत मना लीजिये । गाय को हरी घास खिलाकर उसको प्रसन्न करना हैं धरती और गाय दोनों शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है। बुध ग्रह और गाय और धरती शुक्र इसलिए गाय को हरी हरी घास खिलाएंगे तो दो बहुत अच्छे दोस्तों को मिला रहे होंगे, ऐसी हंसी खुशी के वातावरण में हर कोई गुस्सा थूक देता है और बुध ग्रह भी अपना क्रोध शांत कर लेंगे।
बृहस्पति -चने की दाल तोते को खिला दें, बृहस्पति कभी गुस्सा नहीं करेंगे। चने की दाल पीले रंग की होती है और बृहस्पति भी पीले रंग के हैं। बृहस्पति का भी घनत्व सौरमंडल में ज्यादा है और चने की दाल भी हलकी फुल्की नहीं होती पचाने में हमारी आँतों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। तोता हरे रंग का होता है , बुध ग्रह भी हरे रंग का होता है।
शुक्र - यदि नाराज़ हो तो गाय को रोटी खिलाओ। सूर्य गेहूं है और शुक्र गाय। किस बलवान व्यक्ति को उसके खुद के अलावा कोई और राजा हो तो अच्छा लगता है। शुक्र को भी सूर्य के अधीन रहना पसंद नहीं है अतः जब आप उसके शत्रु सूर्य जो गेहूं को गाय जो शुक्र है को खिलाएंगे तो वो अपने आप ही गुस्सा भूल जाएगा।
शनि- जिस किसी से भी नाराज़ हो तो उसकी पीड़ा तो बस वो खुद ही जानता है। शनि समानतावादी है, ये बड़ा है और ये छोटा है ऐसी बातें शनि को क्रोधित कर देती है, क्योंकि शनि सूर्य (राजा ) का पुत्र है और उसके पिता सूर्य ने उसकी माँ का सम्मान नहीं किया इसलिए शनि को अपनी माँ छाया से प्यार होने के कारण सूर्य पर बहुत गुस्सा आता है। किसी का बड़े होने का अहं उनको पसंद नही है। अहंकार छोड़ देने से शनि भगवान का कृपा प्राप्त होता है।

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