साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण : इन बातों का रखें खास ध्यान

नई दल्लिी। आज माघी पूर्णिमा को इस साल (2018) का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस दिन चांद आम दिनों के मुकाबले बड़ा दिखाई देगा। सूतक काल यानी ग्रहण का अशुद्ध समय सुबह 08:21 बजे शुरू होगा और यह रात 08:41 पर खत्म हो जाएगा। मंदिर के कपाट सुबह सिर्फ सवा पांच बजे से 8.15 तक ही खुले रहेंगे। आंशिक चंद्र ग्रहण शाम 5:18 से शुरू होगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम 06:22 बजे से लेकर 07:38 बजे तक चलेगा। वहीं आंशिक चंद्र ग्रहण भी 08:41 पर खत्म होगा।

यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। ये ग्रहण लगभग 150 साल बाद आया है। इस ग्रहण को खग्रास चंद्रग्रहण कहा गया है, जिसके तहत चंद्रमा का कुछ हिस्सा छुप जाएगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा पृथ्वी के बेहद करीब आ जाएगा।

क्या होता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण तब होता है जब चन्द्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी के आ जाए। चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य व चन्द्रमा के बीच पृथ्वी इस प्रकार से आ जाती है कि पृथ्वी की छाया से चन्द्रमा पूरी तरह या आंशिक भाग ढक जाती है। ऐसी स्थिति में पृथ्वी सूर्य की किरणों के चन्द्रमा तक नहीं पहुंचने देती है, जिसके कारण पृथ्वी के उस हिस्से में चन्द्र ग्रहण नजर आता है।

ग्रह नक्षत्र
ये चंद्र ग्रहण पुष्य एवम् अश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में होगा इसलिए इसका सर्वाधिक प्रभाव इसी नक्षत्र में जन्मे लोगों पर ही पड़ेगा। इनके लिए इस ग्रहण के प्रभाव अत्यंत शुभकारी होंगे। इन लोगों की लंबे समय से चली आ रही चिंतायें समाप्त होंगी और आर्थिक लाभ भी होंगे।

कुंवारी लडक़यिां न देखें ग्रहण का चांद
मान्यताओं में चंद्र ग्रहण का चांद पीड़ति यानी दूषति माना जाता है। साथ ही इसकी छाया भी अशुद्ध मानी जाती है। कहा गया है कि कुंवारों के लिए यह चांद देखना अशुभ होता है। दरअसल चंद्रमा का संबंध शीतलता व सुंदरता से होता है। ग्रहण काल में चंद्रमा उग्र हो जाता है जिसका बुरा असर कुंवारे लडक़े-लड़कियों पर पड़ता है। श्रापित चांद को देखने पर कुंवारे लडक़े या लडक़ी की शादी में अड़चन आ सकती है या फरि तय होता रिश्ता बार-बार टूट सकता है।

क्या करें क्या ना करें
चंद्र ग्रहण की अवधि में कई बातों का ख्याल रखना आवश्यक होता है। पंडित जी बताते हैं कि इस समय गर्भवती महिलायें घर के बाहर ना निकलें तो उचित होगा। वैसे तो सूतक की अवधि के बाद भोजन का निषेध बताया जाता है परंतु ये नियम बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों पर लागू नहीं होता। ये लोग समय पर भोजन और दवाओं को लेने में संकोच ना करें।

ग्रहण खत्म होने के बाद जरूर करें ये काम
अगर ग्रहण खत्म हो गया है तो उसके बाद तुरंत स्नान करना चाहिए। उसके बाद जिन चीजों को आप दान करना चाहते हो तो उन्हें आप स्पर्श कर रख दें और अगले दिन दान कर दें। स्नान के बाद यदि संभव हो तो भगवान का पूजा-पाठ करना चाहिए।


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