धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है 8 मार्च का दिन, एक साथ बनेगा 3 व्रत का संयोग

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च 2024 का महीना वैसे तो कई खास व्रत-त्योहार से भरपूर है लेकिन 8 मार्च 2024 का दिन विशेष माना जा रहा है। इस दिन मां लक्ष्मी और शिव जी की पूजा से भक्तों को तिगुना लाभ मिलेगा। यह तो हम सभी जानते हैं कि 8 मार्च को महाशिवरात्रि है लेकिन इसके अलावा इस दिन दो ऐसे व्रत का संयोग भी बन रहा है जो धन, समृद्धि, मोक्ष का वरदान प्रदान करेगा।

8
मार्च 2024 को पड़ रहे हैं यह व्रत
8 मार्च 2024 को महाशिवरात्रि के अलावा शुक्र प्रदोष व्रत और शुक्रवार का व्रत भी है। एक ही दिन कई शुभ योग का संयोग बनने से ये दिन बहुत ही शुभ माना जा रहा है। शिवरात्रि और प्रदोष शिव को अति प्रिय हैं वहीं शुक्रवार का व्रत मां लक्ष्मी-संतोषी माता की कृपा प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इन तीनों व्रत के फलस्वरूप साधक की हर मनोकामनाएं पूरी होती है।

महाशिवरात्रि 2024
महाशिवरात्रि को लेकर मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग में भोलेनाथ का वास होता है, क्योंकि इसी दिन शिवजी शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे। ये त्योहार शिव और माता पार्वती के विवाह उपलक्ष्य में भी मनाया जाता है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक सुख, अच्छा जीवनसाथी और मोक्ष मिलता है।

निशिता काल मुहूर्त - प्रात: 12.07 - प्रात: 12.55 (9 मार्च 2024)

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:25 - रात 09:28

रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:28 - 9 मार्च, प्रात: 12.31

रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - प्रात: 12.31 - प्रात: 03.34

रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - प्रात: 03.34 - प्रात: 06:37

व्रत पारण समय - सुबह 06.37 - दोपहर 03.28 (9 मार्च 2024)

शुक्र
प्रदोष व्रत 2024
मार्च महीने और फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष भी 8 मार्च 2024 को है। इस दिन शुक्रवार होने से ये शुक्र प्रदोष कहलाएगा। प्रदोष व्रत शिवजी को सर्वाधिक प्रिय है। इस दिन प्रदोष काल में भोलेनाथ कैलाश पर्वत पर प्रसन्न होकर नृत्य करते हैं। इस दौरान शिव पूजा करने से साधक की सारी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं।

फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुरू - 8 मार्च 2024, प्रात: 01.19

फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी तिथि समाप्त - 8 मार्च 2024, रात 09.57


पूजा मुहूर्त - शाम 06.25 - रात 08.52


शुक्रवार
व्रत
प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि के व्रत के साथ 8 मार्च को आप शुक्रवार का व्रत भी कर पाएंगे। शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी और संतोषी माता का व्रत किया जाता है। शुक्रवार को इस बार शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग समेत कई दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है।
पूजा मुहूर्त - सुबह 08.07 - सुबह 11.04


चोर
पंचक 2024
8 मार्च से चोर पंचक भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में इस दिन पूजा पाठ तो की जा सकती है लेकिन मांगलिक कार्य न करें। पंचक में शुभ कार्य वर्जित है।


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