मधुराष्टकम् अपने नाम की तरह ही बहुत मधुर है, आनंददायक है

* मासिक कृष्ण जन्माष्टमी - 22 मार्च 2025, शनिवार
* मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा - 00:15 से 01:02, 23 मार्च 2025
* कृष्ण अष्टमी प्रारम्भ - 04:23, 22 मार्च 2025
* कृष्ण अष्टमी समाप्त - 05:23, 23 मार्च 2025
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मधुराष्टकम् का गायन जीवन में धनानंद की वर्षा कर देता है.
श्रीकृष्ण की भक्ति में अनेक गीत-भजन हैं, जिनमें से मधुराष्टकम् अपने नाम की तरह ही बहुत मधुर है, धनदायक है, आनंददायक है.
इसमें भगवान मधुसूदन का अत्यंत मधुरता से वर्णन किया गया है, भगवान श्रीकृष्ण के सम्पूर्ण सौन्दर्य का वर्णन तन-मन को प्रसन्न कर देता है.
॥ मधुराष्टकम् ॥
अधरं मधुरं वदनं मधुरंनयनं मधुरं हसितं मधुरम्।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥1॥
वचनं मधुरं चरितं मधुरंवसनं मधुरं वलितं मधुरम्।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥2॥
वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरःपाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥3॥
गीतं मधुरं पीतं मधुरंभुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥4॥
करणं मधुरं तरणं मधुरंहरणं मधुरं रमणं मधुरम्।
वमितं मधुरं शमितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥5॥
गुञ्जा मधुरा माला मधुरायमुना मधुरा वीची मधुरा।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥6॥
गोपी मधुरा लीला मधुरायुक्तं मधुरं मुक्तं मधुरम्।
दृष्टं मधुरं शिष्टं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥7॥
गोपा मधुरा गावो मधुरायष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा।
दलितं मधुरं फलितं मधुरंमधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥8॥
॥ इति श्रीमद्वल्लभाचार्यकृतं मधुराष्टकं सम्पूर्णम् ॥
-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2026 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team

Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0