2100 बार करें दुर्गा सप्तशती पाठ के इस मंत्र का जाप, कर्ज से हो जाएंगे मुक्त

आज हर इंसान अपने ऊपर कर्ज लेकर जी रहा है। चाहकर भी वह इससे मुक्त नहीं हो पा रहा है। जितना प्रयास वह इससे छुटकारा पाने का करता है, उतना इस दलदल में धंसता जाता है। धर्माचार्यों और ज्योतिषियों का कहना है कि कर्ज से मुक्ति पाने के लिए नवरात्र के दिनों में माँ दुर्गे की आराधना करनी चाहिए। इस आराधना से माँ प्रसन्न होती हैं और आप कर्ज मुक्त हो जाएंगे। माँ दुर्गे की आराधना विधि विधान पूर्वक करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दुर्गा सप्तशती पाठ में एक मंत्र ऐसा भी है, जिससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। दुर्गा सप्तशती पाठ रोज करें। इसके बाद माता की कृपा से आप कर्ज मुक्त हो जायेंगे।


करें इस मंत्र का जाप
मां दुर्गा का खोर्चों उपचार से पूजन करना चाहिए। इसके अलावा दुर्गा सप्तशती श्लोक सर्व बाधा ऋण मुक्ति धन-धन सूतांजता मनुष्यों मत प्रसादी ना भविष्यति संसाय” का मंत्र जपना चाहिए। जगत जननी प्रसाद स्वरूप में सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्त करती है। इसमें कर्ज, दैविक, जैविक और भौतिक तीनों प्रकार के ताप को भी मुक्त करती हैं।

2100 बार इस मंत्र का नित्य पाठ करें
साथ में जगत जननी रोग इत्यादि सब से सभी प्रकार के बढ़ाओ से मुक्त कर धन-धन समृद्धि पुत्रों की वृद्धि अर्थात संपत्तियों की प्राप्ति प्रसाद स्वरूप में देती है। 2100 बार इस मंत्र का नित्य पाठ करने से और खोर्चों उपचार पूजन करने से वन वांछित फल की प्राप्ति होती है।


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