मनवांछित फलों की प्राप्ति के लिए करें नवरात्र इस देवी की पूजा

संस्कृत भाषा में कूष्माण्डा को कुम्हड़ कहते हैं। बलियों में कुम्हड़े की बलि इन्हें सर्वाधिक प्रिय है। इस कारण से भी माँ कूष्माण्डा कहलाती हैं। मां कूष्मांडा सूर्यमंडल के भीतर लोक में निवास करती हैं। वहां निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं। सभी तरह के मनवांछित फलों की प्राप्ति के लिए इस देवी की पूजा को श्रेष्ठ माना गया है।


मां की आराधना करने से भक्तों के सभी रोग दुःख नष्ट हो जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और धन प्राप्त होता है। माँ कूष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए भक्त को इस श्लोक को कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन इसका जाप करना चाहिए।
इस दिन जहाँ तक संभव हो बड़े माथे वाली तेजस्वी विवाहित महिला का पूजन करना चाहिए। उन्हें भोजन में दही, हलवा खिलाना श्रेयस्कर है। इसके बाद फल, सूखे मेवे और सौभाग्य का सामान भेंट करना चाहिए। जिससे माताजी प्रसन्न होती हैं और मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

ये है खास पूजा विधि
हरे कपड़े पहनकर मां कुष्मांडा का पूजन करें। पूजन के दौरान मां को हरी इलाइची, सौंफ और कुम्हड़ा अर्पित करें। इसके बाद उनके मुख्य मंत्र ऊं कुष्मांडा देव्यै नमः का 108 बार जाप करें. चाहें तो सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
उपासना का मंत्र
या देवी सर्वभूतेषू मां कुष्मांडा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

विशेष प्रसाद का करें सेवन

ज्योतिष के जानकारों की मानें तो मां को उनका उनका प्रिय भोग अर्पित करने से मां कुष्मांडा बहुत प्रसन्न होती हैं। मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं। इसके बाद प्रसाद को किसी ब्राह्मण को दान कर दें और खुद भी खाएं। इससे बुद्धि का विकास होने के साथ-साथ निर्णय क्षमता भी अच्छी हो जाएगी। ये नवदुर्गा का चौथा स्वरुप हैं।
ये अनाहत चक्र को नियंत्रित करती हैं। मां की आठ भुजाएं हैं इसलिए इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहते हैं। ज्योतिष में मां कूष्मांडा का संबंध बुध ग्रह से है।
मिलेगी सरकारी नौकरी अगर करें ये खास उपाय
ये 4 काम कभी नहीं करें, वरना रहेंगे हमेशा गरीब
बुरे दिनों को अच्छे दिनों में बदलने के लिए करें केवल ये 4 उपाय

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2026 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team

Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0