घर में सुख-समृद्धि लानी है तो इन बातों का रखे खास ध्यान

नियम-कायदे यूं तो व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार गढ़ता है लेकिन ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्रों की मानें तो कुछ काम शास्त्रोक्त ही शुभ रहते हैं।


कर्ज का लेन-देन
रविवार, मंगलवार, संक्रांति दिवस, वृद्धि नामक योग और हस्त नक्षत्र के दिन कर्जा नहीं लेना चाहिए। इन दिनों कर्ज वापस करना शुभ होता है। बुधवार के दिन किसी को ऋण या धन नहीं देना चाहिए।
नाम राशि विचार
सभी मांगलिक कार्य मुहूर्त, यात्रा, दिनमान, ग्रह-गोचर, दिनदशा के लिए जन्म राशि से ही विचार करना चाहिए। प्रचलित (बोलते) नाम से ग्रामवास, घर, न्यायालय कार्य, रजिस्ट्री, पुलिस आदि कार्यों के लिए विचार करना शास्त्र सम्मत है।
सुख-शांति के लिए
सुबह के खाने की प्रथम रोटी गाय और अंतिम रोटी कुत्ते को देने से घर में सुख-शांति आती है। समुद्री झाग (समुद्र फेन) पानी में मिलाकर पोंछा लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
धन लाभ
मेष लग्न में जन्मे व्यक्तियों को आर्थिक सम्पन्नता एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रतिदिन ओम हृीं श्रीं शुक्राय नम:’ मंत्र का जप करना चाहिए।
स्मरण शक्ति के लिए
सरस्वती यंत्र को छह मुखी रुद्राक्ष के साथ गले में धारण करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। छह मुखी रुद्राक्ष के स्वामी कार्तिकेय और संचालक ग्रह शुक्र है। वे विद्या व ज्ञान के प्रदाता हैं।
शुभ यात्रा
रविवार को यात्रा करनी हो तो दही, शक्कर, इलायची खाकर। सोम को खीर, मंगल को दलिया, गुड़। बुध को दूध, गुरुवार को दही, शुक्र्र को दूध या दही की लस्सी, शनि को उड़द, तिल से बने पदार्थ खाकर यात्रा करना शुभ होता है।
देव मंदिर में परिक्रमा
विष्णु भगवान के मंदिर की चार बार, शंकर जी की आधी बार, देवी की एक बार, सूर्यदेव की सात बार और गणेशजी के मंदिर में तीन परिक्रमा करने का शास्त्रोक्त विधान है। देव स्तुति देवों को प्रसन्न करने के लिए एकाग्रचित्त और शांत मन से पाठ करने चाहिए।

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