धन प्राप्ति के लिए श्री कृष्ण ने दिया था यह 23 अक्षर मंत्र

भगवान श्री कृष्ण ने मां लक्ष्मी और धन के रक्षक कुबेर को रिझाने और उसे चिर काल तक घर में रखने के कई अचूक मंत्र बताए हैं, उनमें एक है 23 अक्षर का सर्वसिद्ध मंत्र जिसके जाप मात्र से धनागम के योग बनने लगे हैं। आइए जानें ऐसे ही कुछ अन्य मंत्रों के बारे में-


मंत्रों में सर्वसिद्ध मंत्र यह 23 अक्षर का मन्त्र बेहद प्रभावशाली है। इन मंत्रों के जाप से जातक की हर प्रकार की बाधा का अंत होता है और व्यक्ति की घर में धन-दौलत की वर्षा होती है। इस 23 अक्षर के मंत्र का नित्य जाप करने से व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं आती तथा मनुष्य सदैव वैभव-सम्पन्न बना रहता है।
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीकृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय श्रीं श्रीं श्री”

भगवान श्री कृष्ण ने आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए एक और खास मन्त्र का जाप करना श्रेष्ठ् बताया है। इसका उच्चारण प्रातः काल के समय करना उत्तम होता है। यह मंत्र न केवल धन की भरमार घर में करता है बल्कि परिवार में आए हर कष्ट को भी चंद दिनों में दूर कर देता है।
“क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः”

इसी
तरह श्री कृष्ण ने 29 अक्षर के मंत्रों के जाप को भी बेहतरीन बताया है। उनके अनुसार साधक यदि एक लाख बार जप के साथ शक़्कर, घी के साथ हवन करें तो वह स्थायी लक्ष्मी पा सकता है।
“लीलादंड गोपीजनसंसक्तदोर्दण्ड बालरूप मेघश्याम भगवन विष्णो स्वाहा”

इस सभी मन्त्रों में से सबसे आसान और सरल मंत्र भी बताया गया है, इसके उच्चारण करने से जातक को अटके धन की प्राप्ति होती है तथा घर-परिवार में सुख सम्पति की वर्षा होती है। इस मन्त्र को प्रातः काल स्नान के बाद घर में मंदिर के समीप बैठकर 108 बार जाप करना चाहिए।
कृं कृष्णाय नमः”
रोटी के एक टुकडे से होगा जीवन में चमत्‍कार

मिलेगी सरकारी नौकरी अगर करें ये खास उपाय
ये 4 काम कभी नहीं करें, वरना रहेंगे हमेशा गरीब

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2026 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team

Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0