गुप्त नवरात्र में इन दस महाविद्याओं को जानने से होंगी सभी मनोकामना पूरी

आगामी 24 जून से देवी मां के गुप्त् नवरात्र शुरू हो रहे हैं। ऐसे में दस देवियों की दसों महाविद्याओं को जान लिया जाए तो सभी मनोकामनाएं चंद दिनों में पूरी हो जाती है।


गुप्त नवरात्र की प्रमुख देवी सर्वेश्वर्यकारिणी माता को धूप, दीप, प्रसाद अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन ग्यारह माला ओम ह्नीं सर्वैश्वर्याकारिणी देव्यै नमो नम:। मंत्र का जप करें। पेठे का भोग लगाएं। यह क्रम नौ दिनों तक गुप्त रुप से जारी रखें।

काली: लम्बी आयु, बुरे ग्रहों के प्रभाव, कालसर्प, मांगलिक बाधा, अकाल मृत्युभय आदि दूर करने के लिए काली की साधना करें। मंत्र- क्रिं ह्नीं ह्नुं दक्षिणे कालिके स्वाहा:। हकीक की माला से नौ माला का जप कम से कम करें।

तारा: तीव्र बुद्धि, रचनात्मकता उच्च शिक्षा के लिए मां तारा की साधना नीले कांच की माला से बारह माला प्रतिदिन मंत्र जप करें। मंत्र- ओम ह्नीं स्न्नीं हुम फट।
 
त्रिपुर सुंदरी: व्यक्तित्व विकास, स्वस्थ और सुंदर काया के लिए त्रिपुर सुंदरी देवी की साधना करें। रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें। दस माला मंत्र जप अवश्य करें। मंत्र- ओम ऐं ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम:।

भुवनेश्वरी: भूमि, भवन, वाहन सुख के लिए भुवनेश्वरी देवी की आराधना करें। स्फटिक की माला से ग्यारह माला प्रतिदिन जप करें। मंत्र- ओम ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:।

छिन्नमस्ता: रोजगार में सफलता, नौकरी, पदोन्नति आदि के लिए छिन्नमस्ता देवी की आराधना करें। रुद्राक्ष की माला से दस माला प्रतिदिन जप करें। मंत्र- ओम श्रीं ह्नीं ऐं वज्र वैरोचानियै ह्नीं फट स्वाहा।

त्रिपुर भैरवी: सुन्दर पति या पत्नी प्राप्ति, शीघ्र विवाह, प्रेम में सफलता के लिए मूंगे की माला से पंद्रह माला मंत्र का जप करें। मंत्र- ओम ह्नीं भैरवी क्लौं ह्नीं स्वाहा:।

धूमावती: तंत्र, मंत्र, जादू टोना, बुरी नजर, भूत प्रेत, वशीकरण, उच्चाटन, सम्मोहन, स्तंभन, आकर्षण और मारण जैसी तांत्रिक क्रियाओं के दुष्प्रभाव को नष्ट करने के लिए देवी धूमावती के मंत्र की नौ माला का जप मोती की माला से करें। मंत्र- ओम धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:।

बगलामुखी: शत्रु पराजय, कोर्ट कचहरी में विजय, प्रतियोगिता में सफलता के लिए हल्दी या पीले कांच की माला से आठ माला मंत्र का जप करें। मंत्र- ओम ह्नीं बगुलामुखी देव्यै ह्नीं नम:।

मातंगी: संतान, पुत्र आदि की प्राप्ति के लिए स्फटिक की माला से बारह माला मंत्र जप करें। मंत्र ओम ह्नीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा:।

कमला: अखंड धन धान्य प्राप्ति, ऋण मुक्ति और लक्ष्मी जी की कृपा के लिए देवी कमला की साधना करें। कमलगट्टे की माला से दस माला प्रतिदिन मंत्र का जप करें।
मंत्र- हसौ: जगत प्रसुत्तयै स्वाहा:।
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