घर में धन-धान्य बरसाने के लिए करें इस मुहूर्त में गोवर्धन पूजा

आज गोवर्धन पूजा का खासा महत्‍व है। इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा भी की जाती है। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समृद्धि प्रदान करती हैं उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं।


यह नहीं करें इस दिन
अन्नकूट में चंद्र अन्नकूट में चंद्र-दर्शन अशुभ माना जाता है। यदि प्रतिपदा में द्वितीया हो तो अन्नकूट अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन सुबह तेल मलकर स्नान करना चाहिए। इस दिन पूजा का समय कहीं सुबह, कहीं दोपहर तो कहीं शाम के समय है। इस दिन सन्ध्या के समय दैत्यराज बलि का पूजन भी किया जाता है।
गोवर्धन गिरि भगवान के रूप में माने जाते हैं और इस दिन घर में उनकी पूजा करने से धन, धान्य, संतान और गोरस की वृद्धि होती है। आज का दिन तीन उत्सवों का संगम होता है। इस दिन दस्तकार और कल-कारखानों में काम करने वाले कारीगर भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी करते हैं। इस दिन सभी कल-कारखाने तो बंद रहते ही हैं, घर पर कुटीर उद्योग चलाने वाले कारीगर भी काम नहीं करते। भगवान विश्वकर्मा और मशीनों एवं उपकरणों का दोपहर के समय पूजन किया जाता है।
ये हैं शुभ मुहूर्त
इस वर्ष 2016 में गोवर्धन पूजा पर्व दिवाली के आगामी दिवस यानि 31 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
ये है गोवर्धन पूजा 2016 का शुभ मुहूर्त- गोवर्धन पूजा पर्व तिथि : 31 अक्तूबर 2016, सोमवार गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त : प्रातः 06:36 बजे से 08:47 बजे तक गोवर्धन पूजा सायं काल मुहूर्त : दोपहर बाद 03:21 बजे से सायं 05:32 बजे तक प्रतिपदा तिथि प्रारंभ : रात्रि 11:08 बजे से, 30 अक्तूबर 2016 प्रतिपदा तिथि समाप्त : रात्रि 1:39 बजे तक, 1 नवम्बर 2016

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