Others I Posted on 18-02-2026 ,11:51:12 I by:
रमजान का महत्व और रोजे की परंपरा इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पाक और अहम माना जाता है। इस दौरान हर सक्षम मुसलमान के लिए रोजा रखना धार्मिक रूप से जरूरी होता है। रोजे की शुरुआत सुबह फज्र से पहले सहरी के साथ होती है और सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ इसका समापन किया जाता है। रोजेदार पूरे दिन खाने-पीने से परहेज करता है और इबादत में समय बिताता है। सहरी और इफ्तार का समय रोजेदार के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें थोड़ी सी भी देरी या जल्दी रोजे को प्रभावित कर सकती है।
भारत में रमजान 2026 कब से शुरू हो सकता है
चांद दिखने के आधार पर रमजान की शुरुआत तय होती है। अनुमान के मुताबिक भारत में रमजान 2026 का पहला रोजा 19 या 20 फरवरी से रखा जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला चांद देखने के बाद ही होगा। अगर 18 फरवरी की शाम चांद नजर आता है तो पहला रोजा 19 फरवरी को रखा जाएगा, अन्यथा रमजान की शुरुआत 20 फरवरी से मानी जाएगी।
रमजान 2026 में सहरी-इफ्तार का समय कैसे बदलेगा
रमजान के दौरान हर दिन सहरी का समय थोड़ा पहले और इफ्तार का समय धीरे-धीरे आगे खिसकता है। फरवरी के तीसरे सप्ताह में सहरी का समय सुबह करीब 5 बजकर 36 मिनट के आसपास रहने की संभावना है, जबकि इफ्तार शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट से शुरू हो सकता है। जैसे-जैसे मार्च का महीना आगे बढ़ेगा, सहरी का समय घटकर सुबह लगभग 5 बजकर 7 मिनट तक आ जाएगा और इफ्तार का समय बढ़कर शाम करीब 6 बजकर 33 मिनट तक पहुंच सकता है।
रमजान के अंतिम दिनों में समय में बदलाव
रमजान के आखिरी दिनों में रोजेदारों को सहरी के लिए और अधिक सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि समय तेजी से बदलता है। मार्च के मध्य तक सहरी का समय सुबह 5 बजकर 12 मिनट से घटते हुए 5 बजकर 8 मिनट के आसपास पहुंच सकता है। वहीं इफ्तार का समय 6 बजकर 31 मिनट से बढ़ते हुए 6 बजकर 33 मिनट तक हो सकता है। इस कारण रोजेदार रोजाना समय देखकर ही सहरी और इफ्तार करने को प्राथमिकता देते हैं।
रमजान में सहरी और इफ्तार का धार्मिक पक्ष
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सहरी रोजे को मजबूती देती है, जबकि इफ्तार सब्र और शुक्र का प्रतीक माना जाता है। आमतौर पर रोजा खोलते समय खजूर से इफ्तार करने की परंपरा प्रचलित है। रमजान का पूरा महीना आत्मसंयम, इबादत और अनुशासन का संदेश देता है, इसलिए सहरी और इफ्तार के समय का सही पालन बेहद अहम माना जाता है।