एमपी के खरगोन की 408 साल पुरानी खप्पर परंपरा, देर रात मां महाकाली के दर्शन के लिए जुटे हजारों श्रद्धालु

मध्यप्रदेश के खरगोन शहर के भावसार मोहल्ले में नवरात्रि के दौरान 408 वर्षों से चली आ रही खप्पर की अनोखी परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है। नवमी और दशहरे की मध्यरात्रि में भावसार क्षत्रिय समाज द्वारा मां महाकाली की भव्य सवारी निकाली जाती है, जिसके दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पूरी रात जागकर माता की आराधना करते हैं। हर साल शारदीय नवरात्र के दौरान इस परंपरा का आयोजन किया जाता है। हाथों में खप्पर, ढोल-मृदंग की थाप और निमाड़ी गरबियों की गूंज के बीच निकलने वाली यह सवारी बेहद आकर्षक और अलौकिक होती है। इसमें युवक मां महाकाली का रौद्र स्वरूप धारण कर शेर पर सवार होते हैं। उनके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में जोगनी का प्रतीकात्मक नरमुंड होता है। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भक्ति और रोमांच से भर उठते हैं। दशहरे की अलसुबह खप्पर परंपरा का समापन होता है, जिसके बाद भावसार समाज द्वारा दशहरे का पर्व मनाया जाता है। यह परंपरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि खरगोन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ रही है। खप्पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. मोहन भावसार ने इस परंपरा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह परंपरा 408 वर्षों से लगातार चली आ रही है। उन्होंने कहा, इतने सालों से भावसार क्षत्रिय समुदाय विशेष रूप से महानवमी उत्सव का आयोजन कर रहा है। देवी का सम्मान करने की यह परंपरा परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। डॉ. मोहन भावसार ने बताया कि इस परंपरा में जो युवक महाकाली का स्वांग रचते हैं, वे उन्हीं परिवारों से आते हैं जो कई पीढ़ियों से यह भूमिका निभाते आ रहे हैं। यह आयोजन देर रात करीब 4 बजे से शुरू होकर सुबह तक चलता है। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु देर रात से ही आयोजन स्थल पर पहुंच जाते हैं और पूरी रात जागकर मां के दर्शन का इंतजार करते हैं।

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2026 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team

Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0