मई 10 से ग्रह बदलना शुरू करेंगे अपनी चाल, सबसे पहले बुध होगा वक्री, इन राशियों पर प़डेगा प्रभाव

मिथुन और कन्या राशि का स्वामी बुध को माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को सौम्य ग्रह माना गया गया है। इसे सभी ग्रहों का राजकुमार भी कहा गया है। गणित, तर्क शास्त्र, वाणी, संचार, वाणिज्य, त्वचा, हास्य आदि का कारक बुध को माना गया है। बुध की उच्च राशि कन्या है, जबकि मीन राशि में बुध नीच के माने गए हैं। मई का पहला परिवर्तन 10 मई को होने जा रहा है। इस दिन बुध वृषभ राशि में वक्री होंगे यानि इस दिन बुध उल्टी चाल चलेंगे। पंचांग के अनुसार बुध 10 मई को शाम 5 बजकर 16 मिनट पर वृषभ राशि में वक्री होंगे, इसके बाद 3 जून, 2022 को मार्गी होंगे।

वृषभ राशि में बुध विराजमान हैं। भोग विलास के कारक ग्रह शुक्र इस राशि के स्वामी हैं। शुक्र को नवग्रहों में अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र का संबंध लग्जरी लाइफ और विदेश आदि से बताया गया है। शुक्र और बुध जब एक साथ आते हैं तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अत्यंत शुभ योग बनता है। इस योग को लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है। इस योग को बेहद शुभ माना गया है। बुध ग्रह के 10 मई को वक्री होने के कारण कुछ राशियों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा।

आइए डालते हैं एक नजर उन राशियों पर...


मिथुन—बुध वक्री होने से मिथुन राशि वालों को अपनी वाणी और संबंधों के मामले में विशेष सावधानी बरतनी होगी। वाणी दोष की स्थिति न बनने दें। निवेश में जल्दबाजी न करें। मित्रों के साथ संबंध मधुर बनाए रखें।

कन्या—बुध का वक्री होना कन्या राशि वालों के लिए विशेष है। इस दौरान त्वचा संबंधी दिक्कतें होने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए स्वच्छता के नियमों का पालन करें, सेहत के मामले में कोई लापरवाही न बरतें।

तुला—व्यवसाय के मामले में सोच समझ कर निर्णय लें। भ्रम और तनाव की स्थिति में पूंजी का निवेश सोच समझ कर करें। वाद विवाद की स्थिति से भी बचें। खान पान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान दें। आलस का त्याग करें।

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