Vastu Articles I Posted on 19-05-2026 ,12:07:59 I by:
ज्येष्ठ मास में आने वाले बड़े मंगल का सनातन परंपरा में विशेष महत्व माना जाता है। वर्ष 2026 में 19 मई का दिन इसलिए और अधिक खास बन गया है क्योंकि इस दिन अधिकमास का पहला मंगलवार और ज्येष्ठ मास का तीसरा बड़ा मंगल एक साथ पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह संयोग अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई हनुमान जी की आराधना व्यक्ति के जीवन से संकट, भय, आर्थिक परेशानियां और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक बनती है। विशेष रूप से संध्या काल में की गई पूजा और उपासना को अत्यंत फलदायी माना गया है। पुरुषोत्तम मास और बड़े मंगल का विशेष महत्व
अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में इस मास को साधना, दान, भक्ति और आत्मशुद्धि का काल बताया गया है। इसी दौरान आने वाला बड़ा मंगल हनुमान भक्ति के लिए अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजन और मंत्र जाप से व्यक्ति को शीघ्र फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं के अनुसार यह समय नकारात्मकता को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।
संध्या काल में कैसे करें हनुमान जी की पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल की शाम सूर्यास्त के समय या प्रदोष काल में हनुमान जी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। पूजा से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प, बूंदी के लड्डू, केला और पान अर्पित करना शुभ माना जाता है। घी का दीपक जलाकर श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन को शांति और आत्मबल प्राप्त होता है।
जो लोग किसी कारणवश मंदिर नहीं जा सकते, वे घर में भी विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं। घर के पूजा स्थल को स्वच्छ करके लाल वस्त्र बिछाएं और उस पर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर आरती और पाठ करें। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से की गई उपासना हर स्थान पर स्वीकार होती है।
विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने की मान्यता
ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों के विवाह में लगातार रुकावटें आ रही हों, उन्हें बड़े मंगल की शाम हनुमान मंदिर में सिंदूर अर्पित करना चाहिए। इसके साथ चमेली के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि इससे वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और शुभ योग बनने लगते हैं।
ग्रह दोष और मानसिक तनाव से राहत की परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन लाल मसूर की दाल और गुड़ का दान करना शुभ माना गया है। कई लोग इस दिन हनुमान मंदिर में लाल पुष्प अर्पित कर विशेष पाठ भी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन मंगल ग्रह से जुड़े दोषों की शांति के लिए विशेष माना जाता है।
रोजगार और उन्नति के लिए की जाती है विशेष आराधना
कई श्रद्धालु बड़े मंगल के दिन रोजगार और कार्यक्षेत्र में सफलता की कामना से हनुमान जी की विशेष पूजा करते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार मंदिर में पान अर्पित कर श्रद्धा से पाठ करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। मान्यता है कि बजरंगबली की कृपा से कार्यों में आने वाली रुकावटें कम होती हैं और नए अवसर प्राप्त होने लगते हैं।
व्यापार में आ रही परेशानियों से मुक्ति की मान्यता
यदि व्यापार में लगातार नुकसान या अस्थिरता बनी हुई हो तो बड़े मंगल की शाम हनुमान जी को लाल पुष्प और गुड़-चना अर्पित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि श्रद्धा और सकारात्मक भाव से की गई आराधना व्यक्ति के जीवन में स्थिरता और आत्मबल लेकर आती है। कई श्रद्धालु इस दिन विशेष पाठ कर अपने व्यापार और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
आर्थिक संकट से राहत पाने के लिए किया जाता है दान
सनातन परंपरा में दान को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। बड़े मंगल की शाम जरूरतमंद लोगों को गुड़, चना, मूंगफली या फल दान करने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यता है कि सेवा और दान से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। हनुमान जी को सेवा, समर्पण और करुणा का प्रतीक माना गया है, इसलिए इस दिन किया गया दान विशेष पुण्यदायी बताया गया है।
बड़े मंगल पर मंत्र जाप का महत्व
धार्मिक परंपराओं में मंत्र जाप को मन की एकाग्रता और आत्मिक शक्ति का माध्यम माना गया है। बड़े मंगल की शाम श्रद्धालु हनुमान जी के विभिन्न मंत्रों का जाप भी करते हैं। माना जाता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया मंत्र जाप मानसिक शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
ॐ हं हनुमते नम मंत्र का जाप आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने वाला माना जाता है। वहीं ॐ रामदूताय विद्महे, कपिराजाय धीमहि, तन्नो हनुमान प्रचोदयात् मंत्र को बाधाओं को दूर करने वाला बताया गया है। इसके अलावा ॐ हनुमते नम और ॐ अंजनेयाय विद्महे, वायुपुत्राय धीमहि, तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् जैसे मंत्रों का जाप भी श्रद्धालुओं द्वारा किया जाता है।
श्रद्धा और विश्वास का पर्व है बड़ा मंगल
बड़ा मंगल केवल पूजा-अर्चना का दिन नहीं बल्कि आस्था, सेवा और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन की गई सच्चे मन की प्रार्थना व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मबल प्रदान करती है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला यह विशेष मंगलवार भक्तों के लिए भक्ति और समर्पण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। श्रद्धालु मानते हैं कि बजरंगबली की कृपा से जीवन की कठिन राहें भी सरल बनने लगती हैं।