28 मई का पंचांग-अधिक गुरू प्रदोष पर अभिजीत के साथ विजय मुहूर्त, नोट कर लें प्रदोष काल

नई दिल्ली । नारायण को प्रिय पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में 28 मई 2026 (गुरुवार) का दिन विशेष महत्व रखता है। ज्येष्ठ शुक्ल की त्रयोदशी गुरुवार को है और इसी दिन देवाधिदेव महादेव की आराधना को समर्पित प्रदोष भी पड़ रहा है। गुरुवार को प्रदोष पड़ रहा है, उसे गुरु प्रदोष या बृहस्पति प्रदोष भी कहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से आध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान, शिक्षा, धन और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। अधिक मास में यह प्रदोष और भी खास हो जाता है। इस दिन हर और हरि दोनों की कृपा प्राप्त होती है। 28 मई को सूर्योदय 5 बजकर 25 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। प्रदोष काल शाम 7 बजकर 12 मिनट से रात 9 बजकर 15 मिनट तक है। प्रदोष पर शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 3 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों उपलब्ध हैं, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए बेहद अच्छा संयोग माना जाता है। वहीं, तिथि द्वादशी सुबह 7 बजकर 56 मिनट तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। चंद्रोदय शाम 4 बजकर 47 मिनट पर होगा और चंद्रास्त 29 मई की सुबह 3 बजकर 34 मिनट पर होगा। नक्षत्र चित्रा सुबह 8 बजकर 8 मिनट तक, इसके बाद स्वाती रहेगी। योग वारियान और करण बालव है। अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से 3 बजकर 45 मिनट तक, यमगंड सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 7 बजकर 8 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 8 बजकर 52 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।

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