अंक बतायेंगे कैसे प्रेमी हैं आप !

मूलांक 1 : आप बहुत ही ऊर्जावान है इसलिए जिससे भी प्यार करते हैं, बहुत ही गर्मजोशी के साथ करते हैं। 1 अंक में विशेषता एवं निरालापन होता है। आप जिससे प्यार करते हैं उस पर नियंत्रण करना चाहते हैं जबकि प्यार को बांधा नहीं जा सकता है। आपको अपने प्यार पर पूरा भरोसा करना चाहिए। उसे किसी भी तरह से बांधने का प्रयास नहीं करना चाहिए। अपने प्यार के रास्ते में कभी भी अपने अहम् को नहीं आने देना चाहिए क्योंकि इस नाजुक रिश्ते के लिये सबसे खतरनाक साबित होता है। आज जिस सम्मान की चाह स्वयं के लिये करते हैं वही सम्मान आप साथी को भी देते हैं लेकिन अपने को महवपूर्ण ही मानते हैं और चाहते हैं कि सभी आपकी प्रधानता मानें। आपकी सहनशीलता की चमक से आपका रिश्ता जगमगाता है। आपकी आंखों में एक विशेष चमक होती है जो लोगों को आपकी तरह आकर्षित करती है।

मूलांक 2 : आपका व्यक्तित्व दोहरापन लिये होता है। आप स्वभाव से सहयोगी, भावनात्मक, कूटनीतिज्ञ बातों को गुप्त रखने वाले, प्यार में सुरक्षा की भावना चाहते हैं। आप चाहते हैं कि आपका साथी अपना पूरा ध्यान आप पर ही दे। अगर उनका ध्यान आप से थोडा भी हटता है तो आपको असुरक्षा महसूस होती है जबकि ऎसा नहीं होना चाहिए। अगर आप स्वयं के प्रति ही सच्चााई नहीं रखेंगे तो हकीकत में आपके रिश्ते का कोई आधार नहीं होगा। आपके व्यवहार में गुप्तता होती है, बातों को गुप्त रखने की प्रवृत्ति आप में होती है। आपके पूर्वाभास, दूरदृष्टि एवं सपने होते हैं, जिसमें किसी भी घटना के घटने से पूर्व आपको पूर्वानुमान हो जाता है। आप बहुत अधिक भावुक होते हैं जिस कारण कई बार आपके संबंध टिक नहीं पाते। ज्यादा हवाई किले नहीं बनाने चाहिए तथा अपने साथी पर भरोसा करना चाहिए।

मूलांक 3 : मूलांक 3 पर गुरू ग्रह का प्रभाव होता है। आप बहुत ही प्यारे साथी साबित होते हैं। आप बुद्धिमान होते हैं। आप प्रेम में ढोंग एवं दिखावा पसंद नहीं करते हैं लेकिन अपने जीवन साथी की खुशी के लिये तो आप ऎसा कर सकते हैं क्योंकि हर साथी यह चाहता है कि उसका साथी उसके अनुकूल हो, उसकी पसंद का ध्यान रखें और ऎसा करने से संबंधों में और घनिष्ठता आती है।
मूलांक 4 : मूलांक 4 पर यूरेनस का प्रभाव होता है इसलिए आपके जीवन में सदैव उथल-पुथल बनी रहती है। जीवन में घटनाएं अचानक घटती हैं। आप जिससे प्रेम करते हैं उन पर अपना एकाधिपत्य चाहते हैं। आपको यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता है कि वो आपके अतिरिक्त किसी ओर से ज्यादा बातचीत भी करें। आप दार्शनिक प्रवृत्ति के प्रेमी होते हैं। आप किसी भी बात में आधुनिक नियमों को नहीं मानते हैं। आप सदैव परम्पराओं पर ही चलते हैं। अपने साथी की इच्छाओं को महव दें। उनकी बाते भी ध्यान से सुनें, केवल अपनी ही नहीं कहें। उनकी भावनाओं की कद्र करें एवं उनका सम्मान भी करें। आप अपने साथी के प्रति पूर्णतया समर्पित रहते हैं।
मूलांक 5 : मूलांक 5 पर क्योंकि बुध ग्रह का प्रभाव होता है इसलिए आपकी सोच भी औरों से अलग ही होती है। आप कोई भी कार्य बिना सोचे, बिना लक्ष्य निर्धारित नहीं करते हैं। आप प्रेमी तभी तक रहते हैं जब तक कि इसमें आपका कोई स्वार्थ सिद्ध होता रहता है। आप बहुत अधिक महवाकांक्षी हैं। किसी भी महिला की सुन्दरता की प्रति आप आकर्षित नहीं होते हैं इसलिए आप अपने जीवन साथी के प्रति पूर्ण वफ ादार रहते हैं। आपको प्रेम के मामले में दिल की बात सुननी चाहिए। धन का महव अपना है लेकिन जो सुख जीवनसाथी देगा वो धन से नहीं मिल सकता है।
मूलांक 6 : मूलांक 6 पर शुक्र ग्रह का प्रभाव होता है इसलिये इनका कला के प्रति विशेष रूझान रहता है और इसीलिये हर सुन्दर चीज की तरफ इनका आकर्षण स्वाभाविक हो जाता है। ये उदार प्रवृत्ति के होते हैं और एक ही समय में कई लोगों के साथ इनके संबंध रहते हैं। एक के प्रति इनका पूर्ण समर्पण कभी भी नहीं होता है। कला और सौंदर्य के प्रति आपका विशेष झुकाव होता है इसलिये व्यवसाय, आर्थिक - भौतिक उन्नति ज्यादा मायने नहीं रखती है बल्कि विपरीत प्रेम संबंध अधिक मायने रखते हैं। आप स्वभाव से बहुत ही रोमांटिक है। आप बहुत अधिक व्यवहारिक हैं, लेकिन अपने जीवनसाथी के प्रति पूर्णतया वफ ादार है। सौन्दर्य दिल से अनुभव करने के लिये होता है ना कि शारीरिक कमजोरी बनाने के लिये।
मूलांक 7 : मूलांक 7 पर नेप्चूयन ग्रह का प्रभाव होता है। प्यार के मामलों में आपके निर्णय प्राय: स्थिर नहीं हो पाते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भागने का प्रयास करते हैं। अपनी इस आदत को छोडना चाहिए और तुरन्त निर्णय लेने की प्रवृत्ति से भी बचना चाहिए। आप जिससे भी प्रेम करे, आपको उनसे तुरन्त ही विवाह बंधन में बंध जान चाहिए क्योंकि कब आपका मस्तिष्क बदल जाए, ये आपके साथी के लिये घातक सिद्ध होता है।
मूलांक 8 : मूलांक 8 पर शनि ग्रह का प्रभाव होता है। आपका जीवन क्योंकि प्रारंभ से ही संघर्षरत रहता है इसलिये प्यार-मोहब्बत के बारे में सोचने का समय आपके पास होता ही नहीं है। अपने जीवन में आप जो भी कुछ प्राप्त करते हैं, स्वयं के बलबूते पर ही करते हैं इसलिये प्रेम संबंधों में ज्यादा करके नीरस ही हो जाते हैं। प्रेम के मामलों में आपके दिमाग में कभी कोई जल्दबाजी नहीं होती है आप सदैव पारंपरिक जीवनसाथी को ही पसंद करते हैं।
मूलांक 9 : मूलांक 9 पर मंगल ग्रह का प्रभाव होता है। मूलांक 9 के लोग कभी भी अपने जीवनसाथी की उपेक्षा कर देते हैं क्योंकि आपके अन्दर एक अहम की जो भावना है, स्वयं को सर्वोच्च एवं अपने साथी को कम ही समझने की, ये नुकसानदेह ही सिद्ध होती है। आवेशपूर्ण व्यवहार करते हैं लेकिन अपने जीवनसाथी के प्रति पूर्णतया वफ ादार होते हैं।

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