Astrology Articles I Posted on 20-02-2026 ,11:57:14 I by:
चंद्र ग्रहण 2026 का महत्व साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार यह ग्रहण दोपहर से शाम के बीच रहेगा और इसे वर्ष का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण बताया जा रहा है। खास बात यह है कि इसी दिन रात में होलिका दहन होगा, जबकि अगले दिन 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। यह ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित हो रहा है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा।
चंद्र ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
भारतीय समय के मुताबिक चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर करीब 3 बजकर 20 मिनट पर होगी और इसका समापन शाम 6 बजकर 47 मिनट पर माना जा रहा है। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी।
सूतक काल कब से लगेगा
मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस गणना से सूतक काल की शुरुआत 3 मार्च की सुबह करीब 6 बजकर 20 मिनट से मानी जाएगी, जो ग्रहण समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
सूतक काल से जुड़ी मान्यताएं
सूतक काल को धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील समय माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ और मंदिर से जुड़े कार्यों से दूरी रखने की परंपरा है। आम तौर पर शुभ या मांगलिक कार्य टाल दिए जाते हैं और नए काम की शुरुआत को भी उचित नहीं माना जाता। भोजन पकाने और ग्रहण काल में खाने से बचने की मान्यता है। बिना विशेष आवश्यकता के बाहर निकलने को भी अच्छा नहीं माना जाता, खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घर के भीतर रहने की सलाह दी जाती है।
भारत में कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण
यह चंद्र ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में साफ तौर पर दिखाई देगा। पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर में ग्रहण स्पष्ट रूप से नजर आ सकता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव दिखने की संभावना है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में यह आंशिक रूप से दिखाई दे सकता है।
भारत के बाहर कहां दिखेगा ग्रहण
भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, इराक समेत लगभग पूरे एशिया में देखा जा सकेगा। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रूस और उत्तर व दक्षिण अमेरिका के कई हिस्सों में भी यह खगोलीय घटना नजर आने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और सामान्य गणनाओं पर आधारित है। हम यह दावा नहीं करते कि यह जानकारी पूर्णतः सत्य या सटीक ही हो। किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले अपनी परिस्थितियों का आकलन स्वयं करें।