क्या आप की कुण्डली मे घर से भाग कर शादी करने का योग है

(क) जब कुण्डली में छठे, सातवें और आठवें तीनों घरों में पापी ग्रह हों। (ख) चतुर्थ स्थान अथवा चतुर्थेश पर प्रथकतावादी ग्रहों-सूर्य, शनि, राहु का प्रभाव हो तो लडका एवं लडकी घर से भाग कर माता-पिता की मर्जी के बगैर शादी करते है।
कुण्डली संख्या (152):- एक ग्रैजुएट लडकी की है जिसने घर से भाग कर अन्य जाति के लडके से शादी की है। कुण्डली में छठें भाव में मंगल, सप्तम में शनि और अष्टम में राहु स्थित है। चतुर्थ भाव पर शनि की दशम दृष्टि की है तथा राहु की नवम दृष्टि है। चतुर्थेश शुक्र सूर्य से युक्त है तथा उस पर राहु की पंचम दृष्टि है।



कुण्डली संख्या (153):- एक गै्रजुएट लडकी की है जो अपनी पसंद के लडके से शादी करने के लिए घर से भाग गई। कुण्डली में चतुर्थेश शनि राहु से युक्त है तथा चतुर्थ स्थान पर सूर्य की सप्तम दृष्टि है। कुण्डली में नैसर्गिक शत्रु है, इसलिए इनको पंचमेश शनि तथा सप्तमेश मंगल की परस्पर पूर्ण दृष्टि लव मैरिज का योग बना रही है। क्योंकि यह दोनों ग्रह आपस में कठिनाईयों का सामना करना पडा। लग्नेश शुक्र स्वयं रोमान्टिक ग्रह है तथा चन्द्रमा से इसका युक्त होना रोमान्स का योग बनाता है।
कुण्डली संख्या (154):- एक विवाहित महिला की है जो अपने बच्चों को साथ लेकर पति का घर छोडकर भाग गई। कुण्डली में चतुर्थेश-सप्तमेश बुध, द्वादशेश शनि के साथ लग्न मे अपनी नीच राशि मीन में स्थित है और उस पर मंगल की पूर्ण सप्तम दृष्टि है। चतुर्थ स्थान पर केतु की नवम दृष्टि है। सप्तम भाव में चन्द्र-मंगल युति अच्छा आचरण नहीं दर्शाती। पति भाव के सप्तम भाव में शनि-बुध युति पति क नपुंसकता की और इशारा करती है।

Home I About Us I Contact I Privacy Policy I Terms & Condition I Disclaimer I Site Map
Copyright © 2020 I Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved I Our Team