घर में सुख-समृद्धि के लिए आवश्यक है उसका वास्तु के अनुसार निर्मित होना

वर्तमान में हर व्यक्ति अपने घर का सपना देखता है और वह मकान खरीदने या बनाने से पहले वास्तु का विशेष ध्यान रखता है। यदि बना बनाया मकान या बनाये जा रहे मकान को वास्तु के अनुसार हो तो घर में सुख समृद्धि और शांति का वातावरण रहता है। घर में सभी लोग स्वस्थ और प्रसन्न चित्त रहेंगे। लेकिन अगर आपके घर में वास्तु दोष है, तो तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे अकारण स्वस्थ रहना, मानसिक परेशानी रहना, लोगों के बीच में तनाव बना रहना, आपस में लड़ाई झगड़े होते रहना। इन सब चीजों से बचने के लिए कुछ विशेष कार्य आवश्यक हैं।
छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर हम कठिनाइयों को दूर कर सकते हैं। गृह क्लेश से मुक्ति पा सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को ठीक रख सकते हैं। घर की सुख शांति समृद्धि के लिए आवश्यक है कि किसी वास्तु के जानकार को बुलाकर अपने घर को दिखाएं और उससे सलाह लें।

घर के कुछ सामान्य वास्तु नियम

1. घर में खिडक़ी और दरवाजे की संख्या विषम नहीं होनी चाहिए। अगर विषम है, तो किसी खिडक़ी और दरवाजे को बंद करके संख्या को सम कीजिए। इससे मानसिक परेशानी और अनावश्यक उलझन से बचा जा सकता है।

2. घर के दरवाजों के खुलते और बंद होते समय कर्कश आवाज नहीं आनी चाहिए। इससे घर में अशांति का वातावरण रहता है और लड़ाई झगड़े होते रहते हैं।

3. घर की छत पर रखा जाने वाला वाटर टैंक कभी भी पूरब और उत्तर की दिशा में नहीं होना चाहिए। इससे टैंक का पानी गर्म हो जाता है। साथ ही साथ घर में रहने वाले लोगों को भी अकारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।

4. घर का दक्षिणी और पश्चिमी कोना और दिशाओं की अपेक्षा अधिक ऊंचा और भारी होना चाहिए, इससे घर में लक्ष्मी टिकती है।

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