क्या आप की कुण्डली मे प्रेम विवाह हैक्

कुण्डली मे पंचम भाव प्रेम अथवा प्रेमिका को दर्शाताहै और सप्तम भाव पति अथवा पत्नी को दर्शाता है। अगर कुण्डली में :- (क) लग्नेश-पंख्मेश का आपस में युति अथवा परस्पर दृष्टि योग बने। (ख) पंचमेश-सप्तमेश का आपस में युति अथवा परस्पर दृष्टि योग बने तो लव मैरिज का योग बनता है। (ग) लग्नेश-सप्तमेश का पंचम अथवा एकादश में योग बने। केन्द्र और त्रिकोण मे भी ऎसा योग बनने पर लव मैरिज होती है। (घ) पंचमेश-लाभेश का योग लग्न में हो तो भी लव मैरिज होती है।
कुण्डली संख्या (149):- एक सफल अभिनेत्री जन्म कुण्डली है जिसने शादी शुदा अभिनेता से लव मैरिज की। लग्नेश चन्द्रमा, पंचमेश के साथ पंचम भाव में योग बना रहा है। अत: लव मैरिज स्पष्ट है।
कुण्डली संख्या (150):- एक महिला लैक्चरार की है जिसने प्रेम विवाह किया। कुण्डली में पंचमेश शनि सप्तमेश बृहस्पति पंचम भाव में बैठा है। अत: पंचमेश सप्तमेश के राशि परिवर्तन योग से प्रेम विवाह हुआ।


कुण्डली संख्या(151):- एक सफल फिल्म अभिनेत्री की है जिसने एक फिल्म निर्देशक से शादी की। कुण्डली में पंचमेश बृहस्पति और लाभेश बुध लग्न मे स्थित है। लग्नेश सूर्य एवं सप्तमेश शनि से भी परस्पर पूर्ण दृष्टि सम्बन्ध है। परन्तु इस कुण्डली में लग्नेश अपने द्वादश भाव (अन्यत्र शैया सुख) तथा सप्तमेश अपने स्थान से द्वादश भाव में (अन्यत्र शैया सुख) है। पति और पत्नी अन्यत्र शैया सुख ढूंढते रहे तथा लग्नेश सूर्य और सप्तमेश शनि आपस में शत्रु होने की वजह से प्रेम विवाह टूट गया और जातक को निराश का सामना करना पडा।

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