होली पर लगेगा पूर्ण चंद्रग्रहण, सिंह राशि में केतु-चंद्रमा की युति से इन राशियों को होगा लाभ

साल 2026 का 3 मार्च खगोल और ज्योतिष�दोनों ही दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि, मंगलवार को भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा और उसी राशि में केतु की मौजूदगी से विशेष युति बनेगी। ग्रहण के समय चंद्रमा का रंग लाल-सूर्ख नजर आएगा, जिसे आम तौर पर ब्लड मून कहा जाता है। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की छाया और वायुमंडल से छनकर आने वाली सूर्य किरणों के कारण चंद्रमा ऐसा रंग ग्रहण करता है, जिस पर NASA भी पहले वैज्ञानिक जानकारी साझा कर चुका है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह चंद्रग्रहण कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है, जबकि कुछ लोगों को सावधानी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होगी। केतु के साथ चंद्रमा की युति मानसिक स्थितियों, निर्णय क्षमता और अचानक होने वाले बदलावों को प्रभावित कर सकती है। वृषभ राशि: इस ग्रहण का प्रभाव वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से मजबूत माना जा रहा है। धन से जुड़े मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है और पहले किए गए निवेश से लाभ के संकेत बन रहे हैं। अचानक आर्थिक अवसर सामने आ सकते हैं, जिससे स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। सिंह राशि: सिंह राशि में ही चंद्रमा और केतु की युति बन रही है, इसलिए इस राशि पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ग्रहण के बाद जीवन में कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कामकाज और साझेदारी से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय लेने की क्षमता पहले से मजबूत हो सकती है। धनु राशि: धनु राशि वालों के लिए यह चंद्रग्रहण प्रगति और विस्तार का समय ला सकता है। करियर से जुड़े प्रयास सफल रह सकते हैं और नए प्रोजेक्ट्स से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। पुराने और नए निवेश से लाभ के योग बन रहे हैं। निजी जीवन में भी संतुलन और स्थिरता बनी रह सकती है। भारत में चंद्रग्रहण का समय और दृश्यता: यह पूर्ण चंद्रग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में साफ तौर पर दिखाई देगा। ग्रहण की शुरुआत दोपहर करीब 3:20 बजे होगी। पूर्ण ग्रहण का चरण लगभग 4:37 बजे से शुरू होकर 5:04 बजे तक रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे ग्रहण समाप्त होगा और शाम 6:47 बजे चंद्रग्रहण पूरी तरह खत्म हो जाएगा। साफ मौसम होने पर लोग इसे बिना किसी विशेष उपकरण के भी देख सकेंगे। होली की तारीखों में बदलाव: चंद्रग्रहण के कारण इस बार होली के आयोजन में बदलाव देखा जाएगा। होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों की होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार ग्रहण वाले दिन रंग खेलना उचित नहीं माना गया है, इसलिए पर्व की तिथियों में यह अंतर रखा गया है।

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