रक्षाबंधन: बहनों को भूलकर भी नहीं देने चाहिए ये उपहार

रक्षाबंधन का पावन पर्व बहन और भाई के पावन रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन बहन अपने भाई को रक्षासूत्र बांधती है और भाई अपनी बहन को रक्षा का वादा करने के साथ ही यादगार के रूप में तोहफा देता है। सदियोंं से यही परम्परा चली आ रही है। वर्तमान में भाई तोहफे में अपनी बहन को ऐसी चीजें देना पसंद करते हैं जो उनके काम आए। लेकिन शास्त्रों में कई चीजें ऐसी बताई गई हैं जिन्हें तोहफे में देना वर्जित है। बहनों को उपहार में दी जाने वाली कुछ चीजें जीवन में नकारात्मकता लेकर आती हैं जिससे उनका जीवन दुख और परेशानियों से घिर जाता है।

बहन को तोहफे क्या नहीं देना चाहिए यही हम अपने पाठकों बताने जा रहे हैं...

जूते-सैंडल्स न दें उपहार में
कई बार होता है कि भाई बहन की फेवरिट सैंडल या फिर जूते उसे गिफ्ट कर देता है। कभी भी अपनी बहन को यह वस्तु उपहार में नहीं दें, यह चीजें जुदाई का प्रतीक होती हैं। इसे तोहफे में देने से भाई-बहन के रिश्तों के बीच दूरियां आ जाती हैं। इसलिए कभी भी रक्षाबंधन पर जूते-सैंडल्स उपहार में नहीं दिए जाने चाहिए।

इष्टदेव की मूर्ति
कभी भी किसी भी देवी देवता की मूर्ति उपहार में नहीं देनी चाहिए। किन्तु फिर भी आपको जिस भगवान से ज्यादा लगाव हो या आपके जो इष्टदेव हों उनकी मूर्ति तो भूलकर भी आप किसी को उपहार स्वरूप भेंट न करें अन्यथा ईश्वर की कृपा आपके ऊपर से कम हो जायेगी। वजह यह है कि आपने तो अपने ईश्वर को किसी और को दे दिया है, इसलिए वो चाहकर भी आपके ऊपर अपनी कृपा नहीं बरसा पायेंगे।

पानी से जुड़े चीजें
भूलकर भी पानी से जुड़ी ये चीजें कभी भी उपहार में न दें। जैसे-मछली घर, पानी वाला कोई पीस, बोतल, वाटर बोतल, वाटर कूलर आदि। ये वस्तुयें उपहार में देने से आप पर या परिवार पर आर्थिक समस्यायें आ सकती हैं। या फिर धन आयेगा किन्तु रूकेगा नहीं।

काले वस्त्र लाते हैं दुख

रक्षाबंधन पर भाई अगर बहनों को उपहार में वस्त्र देना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि काले रंग का वस्त्र न हो, क्योंकि यह रंग दु:ख, कष्ट और तकलीफें लेकर आता है। इसके अलावा इसे मृत्युकारक भी कहा जाता है। इसलिए शुभ कार्यों में काले रंग से दूरी बनाये रखी जाती है। आप अपनी बहन के वस्त्र लेने जा रहे हैं तो काले रंग का वस्त्र न लें।

रुमाल लेकर आता है कष्ट
कोई भी दिन कभी भी अपनों को तोहफे में रुमाल नहीं देना चाहिए, क्योंकि ये व्यक्ति के जीवन में कष्ट लेकर आता है। इसलिए ऐसा करने से परहेज करें। कहते हैं कि रुमाल व्यक्ति को स्वयं ही खरीदने चाहिए। कभी भी उपहार मिले रुमाल को प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।

घड़ी से रुकती है जीवन की प्रगति

घड़ी एक ऐसा तोहफा है जो हमेशा से ही हिट रहा है। क्योंकि ऐसा कोई भी उपहार जो रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल किये जाने वाला हो तो यह माना जाता है कि तोहफा देने वाला हमेशा उसके जेहन में रहता है। तो भाई-बहन के मामले में दोनों के बीच अथाह प्रेम होता है। इसलिए रक्षाबंधन के मौके पर घड़ी देने की मनाही है, यह अशुभ होता है। घड़ी जीवन में होने वाली प्रगति को रोकती है। इसलिए कभी भी बहन को उपहार में घड़ी नहीं दें।

नुकीली वस्तुओं का उपहार
किसी के शुभ अवसर पर उपहार देना अच्छी बात है किन्तु कोई भी नुकीली वस्तु जैसे-चाकू, तलवार, कैंची, उस्तुरा, सेविंग मशीन आदि को उपहार में नहीं देना चाहिए अन्यथा आपके जीवन में आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकते है और परिवार के लोग रोग का शिकार हो सकते है।

न दें शीशे का सामान

कहा जाता है कि कभी भी किसी को भी तोहफे में शीशा नहीं देना चाहिए। इससे व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता आती है। तो रक्षाबंधन पर अपनी प्यारी सी बहन को उपहार में दर्पण कतई न दें। इसके अलावा कहा जाता है कि फोटो फ्रेम्स और नाइफ सेट भी नहीं दिये जाने चाहिए। ये भी प्रतिकूलता लाते हैं।

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